सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का निधन

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Mediawali news

अखिलेश यादव के भाई और अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का बुधवार सुबह लखनऊ में निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार और समर्थकों में इस खबर के बाद शोक की लहर दौड़ गई।

फेफड़ों की गंभीर बीमारी से थे पीड़ित

जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव लंबे समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्हें कुछ दिन पहले लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया था कि वह “पल्मोनरी एम्बोलिज्म” नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। यह बीमारी बेहद खतरनाक मानी जाती है और इसमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है। बताया जा रहा है कि चार महीने पहले उनके फेफड़ों में संक्रमण हुआ था। संक्रमण के बाद उनका ऑपरेशन भी हुआ था। इसके बाद से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। करीबी लोगों के मुताबिक, इलाज के दौरान वह आईसीयू में भर्ती थे, लेकिन इलाज पूरा होने से पहले ही घर लौट आए थे।

क्या होती है पल्मोनरी एम्बोलिज्म?

Pulmonary embolism एक गंभीर मेडिकल स्थिति है। इसमें शरीर में बना खून का थक्का फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में जाकर फंस जाता है। इससे फेफड़ों में रक्त संचार रुकने लगता है और शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इस बीमारी के कारण दिल पर भी बुरा असर पड़ता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो मरीज की जान भी जा सकती है। डॉक्टरों के अनुसार, यह बीमारी अचानक गंभीर रूप ले सकती है।

बीमारी के मुख्य लक्षण

पल्मोनरी एम्बोलिज्म के कई खतरनाक लक्षण होते हैं। इसमें मरीज को अचानक सांस फूलने लगती है। सीने में तेज दर्द महसूस होता है और लगातार खांसी की शिकायत रहती है। कई बार शरीर में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरने लगता है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

डॉक्टरों ने क्या बताया?

मेडिसिन विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रुचिता शर्मा ने बताया कि प्रतीक यादव पहले से उनके मरीज थे। उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन की समस्या भी थी। कुछ दिन पहले सांस लेने में परेशानी होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां जांच में पल्मोनरी एम्बोलिज्म की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के मुताबिक, उनके फेफड़ों में रुकावट के कारण दिल की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो रही थी। वह खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे थे और अपनी बीमारी के बारे में पूरी जानकारी रखते थे। हालांकि, उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी।

परिवार और समर्थकों में शोक

प्रतीक यादव के निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के करीबी लोग और समर्थक बड़ी संख्या में पोस्टमार्टम हाउस और आवास पर पहुंचने लगे। अपर्णा यादव की करीबी मित्र रीना सिंह ने बताया कि यह खबर सुनकर वह पूरी तरह सन्न रह गईं।

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