रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘वोट छोड़ो, गद्दी छोड़ो’ रैली, राहुल गांधी ने कहा— पीएम मोदी का कॉन्फिडेंस खत्म
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस ने ‘वोट छोड़ो, गद्दी छोड़ो’ रैली का आयोजन किया। रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का आत्मविश्वास खत्म हो चुका है और अमित शाह जानते हैं कि “उनकी चोरी पकड़ी गई है।”
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि “इन्होंने हमारा वंदे मातरम् भी चोरी किया है।” उन्होंने कहा कि सरकार नेहरू और पटेल के बीच दरार पैदा करती है तथा गांधी, नेहरू और अंबेडकर पर हमले कर रही है। खड़गे ने जनता से ऐसी ताकतों को सत्ता से हटाने की अपील की।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि आज न्यायपालिका पर दबाव है और मीडिया बड़े कॉरपोरेट समूहों के प्रभाव में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को अलग-अलग मामलों में जेल भेजा गया, जबकि जो नेता सत्ताधारी दल में शामिल हो गए, उन्हें “वॉशिंग मशीन” के जरिए साफ कर दिया गया।
राहुल गांधी के भाषण की तीन प्रमुख बातें
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह और विवेक जोशी सत्तारूढ़ दल के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इनके लिए कानून बदला है और कांग्रेस सत्ता में आने पर इस कानून को बदलेगी तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करेगी।
उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का हवाला देते हुए कहा कि देश में सत्य और असत्य की लड़ाई चल रही है। राहुल गांधी ने दावा किया कि वोट चोरी संविधान पर हमला है और नोटबंदी व जीएसटी से छोटे व्यापारियों को नुकसान हुआ है।
खड़गे का भावुक बयान
मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि उनके बेटे का आठ घंटे का ऑपरेशन होना था, लेकिन देशहित को प्राथमिकता देते हुए वे रैली में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत संकट के बावजूद वे इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।
प्रियंका गांधी का सरकार पर आरोप
प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के साथ तस्वीरें खिंचाते हैं, लेकिन जनता के साथ खड़े नहीं होते। उन्होंने दावा किया कि जनता का विश्वास मोदी-शाह से हट चुका है और सत्ता अब चुनाव आयोग पर निर्भर हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों में बनाए गए संस्थागत ढांचे को मौजूदा सरकार ने कमजोर कर दिया है।