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भारतीय टेनिस के दिग्गज Leander Paes ने अब राजनीति में कदम रख दिया है। उन्होंने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju और पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष Sukanta Majumdar भी मौजूद रहे। पेस का यह कदम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले आया है, जिसे भाजपा के लिए एक बड़ी रणनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है।
बंगाल चुनाव में क्या होगा असर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लिएंडर पेस की छवि एक साफ-सुथरे और ग्लोबल आइकन की रही है। खासकर Kolkata और आसपास के शहरी क्षेत्रों में उनका प्रभाव मजबूत माना जाता है। उनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी को शहरी मध्यम वर्ग, युवाओं और खेल प्रेमियों को आकर्षित करने में मदद मिल सकती है। संभावना जताई जा रही है कि भाजपा उन्हें किसी अहम सीट से चुनाव मैदान में उतार सकती है। ऐसे में उनका चुनावी प्रदर्शन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां दूसरे चरण में मतदान होना है।
कौन हैं लिएंडर पेस?
लिएंडर पेस भारत के सबसे सफल टेनिस खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1996 में Atlanta Olympics 1996 में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। उनके नाम 18 ग्रैंड स्लैम खिताब दर्ज हैं, जिनमें 8 पुरुष डबल्स और 10 मिक्स्ड डबल्स शामिल हैं वे सात ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले दुनिया के इकलौते टेनिस खिलाड़ी हैं। इसके अलावा, साल 2024 में उन्हें इंटरनेशनल टेनिस हॉल ऑफ फेम में भी शामिल किया गया, जो उनकी उपलब्धियों का बड़ा सम्मान है।
चुनावी समीकरण और अग्निपरीक्षा
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होना है—पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित होंगे। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा माना जा रहा है दूसरे चरण में Howrah, Hooghly और 24 परगना जैसे क्षेत्रों में वोटिंग होगी, जहां पेस का प्रभाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा को उम्मीद है कि उनका नाम और लोकप्रियता पार्टी को इन सीटों पर बढ़त दिला सकती है।लिएंडर पेस का राजनीति में प्रवेश केवल एक सेलिब्रिटी जॉइनिंग नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम है। यह देखना दिलचस्प होगा कि खेल के मैदान के इस चैंपियन की राजनीतिक पारी कितनी सफल होती है और क्या वह बंगाल की सियासत में भाजपा के लिए गेम-चेंजर साबित होते हैं।