यूपीआई पेमेंट बना सुराग, ऑटो में छूटा 5 लाख का बैग तीन घंटे में बरामद
सीसीटीवी और साइबर हेल्पडेस्क की मदद से पुलिस ने महिला को सुरक्षित लौटाया कीमती सामान
नोएडा। सार्वजनिक परिवहन में कीमती सामान छूट जाने के बाद उसे वापस मिलने की उम्मीद आमतौर पर बेहद कम होती है, लेकिन नोएडा के थाना सेक्टर-49 पुलिस ने तत्परता और तकनीकी सूझबूझ से एक मिसाल पेश की है। ऑटो में छूटे करीब पांच लाख रुपये से अधिक कीमत के गहने, कीमती सामान और कपड़ों से भरा ट्रॉली बैग पुलिस ने महज तीन घंटे के भीतर बरामद कर महिला को सुरक्षित सौंप दिया।
ऑटो से उतरते समय छूटा ट्रॉली बैग
एसीपी थर्ड ट्विंकल जैन के अनुसार, पीड़ित महिला सेक्टर-62 नोएडा से ऑटो में सवार होकर बरौला टी-प्वाइंट पहुंची थीं। जल्दबाजी में उतरते समय उनका ट्रॉली बैग ऑटो में ही छूट गया। ऑटो चालक को भी इसकी जानकारी नहीं हो सकी और वह वहां से चला गया। कुछ ही देर बाद महिला को बैग छूटने का अहसास हुआ, लेकिन तब तक ऑटो जा चुका था।
रोते हुए थाने पहुंची महिला, पुलिस ने तुरंत शुरू की कार्रवाई
घबराई हुई महिला सेक्टर-49 थाने पहुंची और घटना की जानकारी दी। मौके पर मौजूद एसीपी ने बिना देरी किए थाने की टीम को बैग तलाशने के निर्देश दिए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत तकनीकी और मैदानी जांच शुरू की।
UPI पेमेंट से मिली ऑटो चालक की जानकारी
जांच के दौरान साइबर हेल्पडेस्क की मदद से एक अहम सुराग हाथ लगा। महिला ने ऑटो चालक को किराये के 40 रुपये यूपीआई के जरिए दिए थे। इसी ऑनलाइन भुगतान के आधार पर पुलिस ने ऑटो चालक के मोबाइल नंबर की जानकारी हासिल की।
सीसीटीवी और कॉल से मिली सफलता
इसके साथ ही एक टीम ने घटनास्थल से आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। ऑटो चालक के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर उसे थाने बुलाया गया। पूछताछ के बाद ट्रॉली बैग सही सलामत बरामद कर लिया गया।
तीन घंटे में खत्म हुई तलाश
करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने बैग महिला को सौंप दिया। बैग में रखे सभी गहने और सामान सुरक्षित पाए गए। महिला ने पुलिस की तत्परता और ईमानदारी के लिए आभार जताया। पुलिस की इस कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।