विभिन्न विभागों की याचिकाओं की हुई समीक्षा
बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण, जिला पंचायत एवं जिला पंचायती राज विभाग से संबंधित कुल छह निर्धारित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित विभागों से प्राप्त याचिकाओं और शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट भी प्राप्त की गई। माननीय सभापति अशोक अग्रवाल ने कहा कि आम नागरिक अपनी समस्याओं को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सदन तक पहुंचाते हैं। इन समस्याओं का समाधान करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि याचिका समिति का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों को दिए गए जरूरी निर्देश
माननीय सभापति ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त होने वाली प्रत्येक याचिका का गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत या प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जिन मामलों का निस्तारण हो चुका है, उनकी सूचना तुरंत याचिका समिति को उपलब्ध कराई जाए। इससे लंबित मामलों की सूची को समय पर अपडेट किया जा सकेगा और कार्यों की निगरानी बेहतर ढंग से हो सकेगी।
जिलाधिकारी ने पालन का दिया आश्वासन
बैठक में जिलाधिकारी ने माननीय सभापति को आश्वस्त किया कि समिति द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पूरी गंभीरता के साथ पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान को प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर याचिका समिति के सदस्य ऋषि पाल अरोड़ा और चंद शर्मा सहित मुख्य विकास अधिकारी, सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी, एडिशनल सीपी अजय कुमार, एसीईओ नोएडा वंदना त्रिपाठी, एसीईओ ग्रेटर नोएडा सुमित यादव, मुख्य पंचायत अधिकारी प्रियंका चतुर्वेदी, खंड विकास अधिकारी दादरी नेहा तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।