वीर बाल दिवस 2025 पीएम मोदी बोले—वीर साहिबजादों ने मजहबी कट्टरता और आतंक की नींव हिला दी

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भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने बच्चों को किया संबोधित

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर बाल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते हुए वीर साहिबजादों के अदम्य साहस, बलिदान और वीरता को नमन किया। उन्होंने कहा कि साहिबजादों ने छोटी उम्र में ही क्रूर मुगल सल्तनत के सामने डटकर खड़े होकर मजहबी कट्टरता और आतंक के वजूद को हिला दिया था। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर देश की युवा पीढ़ी—जेन-Z और जेन-अल्फा—को विकसित भारत का वाहक बताया।

वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों से की मुलाकात

कार्यक्रम की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल वीर पुरस्कार से सम्मानित बच्चों से संवाद किया। उन्होंने एक-एक बच्चे से मुलाकात कर उनके साहस, पराक्रम और समाज के लिए किए गए योगदान की सराहना की। इस मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रधानमंत्री बच्चों का उत्साह बढ़ाते नजर आए।

‘वीर साहिबजादे भारत के गौरव हैं’: पीएम मोदी

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, “आज देश वीर बाल दिवस मना रहा है। हम उन वीर साहिबजादों को याद कर रहे हैं, जो भारत का गौरव हैं। वे भारत के अदम्य साहस, शौर्य और वीरता की पराकाष्ठा हैं।” उन्होंने कहा कि साहिबजादों ने उम्र और अवस्था की सीमाओं को तोड़ते हुए उस समय की सबसे बड़ी सत्ता—क्रूर मुगल सल्तनत—का सामना किया।

सत्य बनाम असत्य की ऐतिहासिक लड़ाई का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि साहिबजादों की लड़ाई केवल सत्ता के खिलाफ नहीं थी, बल्कि यह भारत के मूल विचारों और मजहबी कट्टरता के बीच की लड़ाई थी। “एक ओर गुरु गोविंद सिंह जी थे और दूसरी ओर औरंगजेब की क्रूर हुकूमत। यह सत्य बनाम असत्य की लड़ाई थी,” पीएम ने कहा।

औरंगजेब की क्रूरता और साहिबजादों का अडिग साहस

प्रधानमंत्री ने कहा कि साहिबजादे उम्र में भले ही छोटे थे, लेकिन उनके साहस के सामने औरंगजेब की क्रूरता भी उन्हें झुका नहीं सकी। उन्होंने कहा कि औरंगजेब जानता था कि हिंदुस्तानियों का धर्मांतरण कराने के लिए उनके मनोबल को तोड़ना जरूरी है, इसलिए उसने साहिबजादों को निशाना बनाया। बावजूद इसके, चारों साहिबजादों में से एक भी नहीं डिगा।

साहिबजादा अजीत सिंह के शब्दों का किया उल्लेख

पीएम मोदी ने साहिबजादा अजीत सिंह के शब्दों को याद करते हुए कहा, “नाम का अजीत हूं, जीता न जाऊंगा, जीता भी गया तो जीता न आऊंगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि ये शब्द आज भी साहिबजादों के अटूट हौसले और बलिदान की कहानी कहते हैं।

गुलामी की मानसिकता पर पीएम मोदी का तीखा प्रहार

प्रधानमंत्री ने कहा कि साहिबजादों के बलिदान की गाथा देश के जन-जन तक पहुंचनी चाहिए थी, लेकिन आजादी के बाद भी गुलामी की मानसिकता देश पर हावी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मानसिकता का बीज 1835 में अंग्रेज राजनेता मैकाले ने बोया था, जिससे देश पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाया।

‘अब बलिदान और शौर्य की स्मृतियां दबेंगी नहीं’

पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत ने तय कर लिया है कि गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पानी ही होगी। “अब हमारे नायक-नायिकाओं को हाशिये पर नहीं रखा जाएगा। वीर बाल दिवस इसी संकल्प का प्रतीक है,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि भाषाई विविधता आज भारत की ताकत बन रही है।

जेन-Z और जेन-अल्फा ही बनाएंगे विकसित भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए कहा, “आपकी जेनरेशन ही भारत को विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएगी।” उन्होंने युवाओं के आत्मविश्वास, योग्यता और डिजिटल क्षमताओं पर भरोसा जताया। पीएम ने कहा कि डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और तकनीक ने युवाओं को नए अवसर दिए हैं।

‘शॉर्ट टर्म पॉपुलैरिटी से बचें’: पीएम मोदी की सलाह

प्रधानमंत्री ने युवाओं को सलाह दी कि वे तात्कालिक लोकप्रियता की चमक-धमक में न फंसें और अपनी सफलता को देश की सफलता से जोड़कर देखें। उन्होंने कहा कि आज देश प्रतिभा को खोजता है और उसे आगे बढ़ने का मंच देता है।

वीर बाल दिवस ने बच्चों को दिया नया मंच

पीएम मोदी ने कहा कि बीते चार वर्षों में वीर बाल दिवस ने साहसी और प्रतिभावान बच्चों के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया है। इस वर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 20 बच्चों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

अन्नपूर्णा देवी बोलीं—भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ता है

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि हर साल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल वीर पुरस्कारों के लिए आवेदन बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की उपलब्धियां देश के भविष्य के प्रति विश्वास को और मजबूत करती हैं।

2022 से शुरू हुई वीर बाल दिवस की परंपरा

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में गुरु गोबिंद सिंह जी के पुत्र साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान की स्मृति में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस अवसर पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वीर बाल दिवस साहस, आस्था और सत्यनिष्ठा का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

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