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वैशाली जिले में कैसे गई 13 बच्चों की जान, जाने कौन-कौन है कटघरे में

वैशाली जिले में कैसे गई 13 बच्चों की जान
Mediawali, बिहार

बिहार के वैशाली जिले में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 से अधिक बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों में अधिकतर बच्चे शामिल थे। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। तेजस्वी यादव ने नदी में यात्रियों की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़ा किया।

रात करीब 8:30 बजे हुआ हादसा

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद पंचायत के पास हुई। नाव पर सवार लोग गंगा नदी पार कर दूसरे गांव में आयोजित श्राद्ध भोज में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान बीच नदी में नाव पलट गई और उस पर सवार लोग पानी में गिर गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के कर्मियों और स्थानीय गोताखोरों ने नदी में तलाशी अभियान चलाया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

मृतकों में अधिकतर बच्चे, एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत

इस हादसे में सबसे दुखद बात यह रही कि जान गंवाने वालों में बड़ी संख्या में नाबालिग बच्चे शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में नौ लड़कियां और चार लड़के शामिल थे। सबसे कम उम्र के मृतक की उम्र छह साल बताई गई।

लापरवाही से गई जान

नाव की खराब स्थिति और उसमें एक बड़े छेद की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, नाव पुरानी और जर्जर हालत में थी। विपक्ष नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने रात में नाव चलाने को लेकर भी सवाल खड़ा किया है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही किया जा सकेगा।

https://x.com/eOrganiser/status/2110092738947674513

मुख्यमंत्री ने 4 लाख मुआवजे का किया ऐलान

घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख जताया और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई।

अधिकारियों से मांगा गया जवाब

हादसे के बाद वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने राघोपुर के अंचल अधिकारी (CO) और थाना प्रभारी (SHO) से स्पष्टीकरण मांगा। द टाइम्स ऑफ इंडिया की 14 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश भी दिया गया। इस कार्रवाई के बाद नावों की सुरक्षा, यात्रियों की निर्धारित क्षमता और नदी में आवागमन की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, अधिकारियों की जवाबदेही और हादसे के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

नावों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

वैशाली की यह घटना नदी किनारे बसे गांवों में सुरक्षित परिवहन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। कई ग्रामीण इलाकों में नदी पार करने के लिए नावों पर निर्भरता बनी हुई है। ऐसे में नावों की नियमित जांच, उनकी निर्धारित क्षमता का पालन, लाइफ जैकेट की उपलब्धता और प्रशिक्षित नाविकों की मौजूदगी बेहद जरूरी है। फिलहाल, इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। प्रशासनिक जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

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