स्मृति मंधाना के दोस्त विज्ञान माने पर बॉम्बे हाई कोर्ट सख्त, पलाश मुछाल मामले में अहम आदेश
Mumbai News
मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्रिकेटर स्मृति मंधाना के दोस्त विज्ञान माने को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि वे संगीतकार पलाश मुछाल के खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी, बयान या अफवाह सार्वजनिक रूप से न फैलाएं। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि यदि माने ने आरोप लगाए हैं, तो उन्हें प्रमाण के साथ साबित करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कोर्ट का सख्त रुख
यह आदेश विज्ञान माने द्वारा दिए गए एक इंटरव्यू के बाद आया, जिसमें उन्होंने पलाश मुछाल पर गंभीर आरोप लगाए थे। माने ने दावा किया था कि उन्होंने एक फिल्म परियोजना के लिए पलाश मुछाल को 40 लाख रुपये दिए थे, लेकिन वह रकम वापस नहीं की गई। इसके अलावा उन्होंने कई निजी आरोप भी लगाए, जिससे यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया में काफी चर्चा में आ गया।
पलाश मुछाल के वकील का बयान
पलाश मुछाल के वकील श्रेयांश मिठारे ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार विवाद और अफवाहें फैलाई जा रही थीं। उन्होंने बताया कि विज्ञान माने को पहले ही 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया था, लेकिन बयान जारी रहने के कारण हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा।
11 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग
इस मामले में पलाश मुछाल ने विज्ञान माने के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करते हुए 11 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। कोर्ट ने विज्ञान माने को दो हफ्ते का समय दिया है, ताकि वे अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश कर सकें।
कोर्ट के इस फैसले को पलाश मुछाल के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है, वहीं यह मामला सेलिब्रिटी विवाद और मानहानि कानून को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।