राहुल गांधी ने संसद में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चर्चा की मांग की
शीतकालीन सत्र के दसवें दिन प्रदूषण पर बहस की मांग
नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र 2025 के दसवें दिन लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राजधानी दिल्ली के बढ़ते वायु प्रदूषण पर तत्काल चर्चा की मांग की। उन्होंने ज़ीरो आवर में कहा कि सरकार को इस अहम मुद्दे पर सदन में खुली बहस की अनुमति देनी चाहिए ताकि व्यावहारिक समाधान खोजे जा सकें।
“यह कोई वैचारिक मुद्दा नहीं… जनता की सेहत का सवाल है”
राहुल गांधी ने सदन में कहा, “यह कोई वैचारिक मुद्दा नहीं है। इस घर में हर कोई सहमत होगा कि वायु प्रदूषण हमारे लोगों के लिए गंभीर नुकसानदेह है।”
उन्होंने सुझाव दिया कि बहस आरोप-प्रत्यारोप से दूर रहकर सरकार और विपक्ष के संयुक्त प्रयासों के माध्यम से की जाए।
सदन ने शिवराज पाटिल और संसद हमले के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
सत्र के दौरान सांसदों ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल को श्रद्धांजलि दी। पाटिल का जन्म 12 अक्टूबर 1935 को हुआ था और उन्होंने 1966 में लातूर नगर पालिका के अध्यक्ष के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी।
उन्होंने लातूर से सात बार लोकसभा सीट जीती और 1991–1996 तक 10वें लोकसभा के सभापति रहे। इसके अलावा, संसद ने 2001 के संसद हमले में शहीद हुए सुरक्षा कर्मियों को भी नमन किया।
देशव्यापी चिंता: प्रदूषण सिर्फ दिल्ली का मुद्दा नहीं
सदन में यह बात भी सामने आई कि वायु प्रदूषण सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय समस्या का रूप ले चुका है। कई सांसदों और विशेषज्ञों ने सहयोगात्मक रणनीति तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम—सदन में व्यापक चर्चा की उम्मीद
राहुल गांधी की पहल को सरकार और विपक्ष के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इस चर्चा के बाद सरकार वायु प्रदूषण कम करने के लिए ठोस और प्रभावी नीतिगत कदम उठाएगी, जिससे देशभर में लोगों की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ेगा।