नोएडा में हॉलीडे पैकेज के नाम 400 लोगों से ठगी, तीन गिरफ्तार

-हॉलीडे पैकेज का मेंबरशिप कार्ड बनाने के बहाने 4 लाख तक लेते थे, पीड़ितों को टूर पर नहीं भेजते थे

-आरोपियों ने पर्यटन मंत्रालय का फर्जी जाल बिछाया था, गिरफ्तार आरोपी कंपनी के हैं डायरेक्

Share your love
Mediawali news, Noida
नोएडा के सेक्टर-24 थाना पुलिस ने एक ऐसी टूर एंड ट्रैवल कंपनी का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को हॉलीडे पैकेज और महंगे गिफ्ट का लालच देकर ठगी करती थी। कंपनी तीन डायरेक्टरों को सेक्टर-32 में एक मॉल के पास से गिरफ्तार किया गया है। ये लोग आईटी इंजीनियर, टीचर और फार्मासिस्टों व अन्य पेशेवर के लोगों को पर्यटन मंत्रालय का फर्जी दस्तावेज दिखाकर मेंबरशिप कार्ड बनाने के बदले में 60 हजार से लेकर 4 लाख रुपये में लेते थे। इस कार्ड से विदेश में किसी होटल पर रुकने पर डिस्काउंट का ऑफर मिलने की बात कही जाती थी। पीड़ितों को हवाई टिकट, डिनर, गोल्ड-सिल्वर का ऑफर देते थे। पुलिस को आशंका है कि इन लोगों ने अब तक 400 से अधिक लोगों के साथ ठगी की है।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों की पहचान इमरान खान नई दिल्ली, अभय कुमार जिला श्रावस्ती और शैलेन्द्र सिंह जिला बलिया के रूप में हुई है। इनका एक साथी हिदायतुल्ला खान फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तीनों टूर एंड ट्रैवल रेंजर्स क्लब कंपनी के डायरेक्टर हैं। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के फर्जी दस्तावेज बनाए थे। कंपनी के अन्य कर्मचारी पहले लोगों को पंपलेट देकर या फोन कॉल के जरिए संपर्क करते थे। इसके बाद उनसे संपर्क कर हॉलीडे पैकेज मेंबरशिप का डिस्काउंट बताकर बेचे जाता था। आरोपी दावा करते थे कि मेंबरशिप लेने पर 70 हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी। साथ ही दो मूवी टिकट, 10 ग्राम चांदी का सिक्का और आसान किस्तों में भुगतान करने पर अतिरिक्त छूट दी जाएगी। इतना ही नहीं, चार किस्त पूरी करने पर 4 ग्राम सोने का सिक्का देने का भी लालच दिया जाता था। इन ऑफरों के झांसे में आकर कई लोग तीन से चार लाख रुपये तक जमा कर देते थे। लेकिन पैसे लेने के बाद कंपनी पैकेज में बताई गई सुविधाएं नहीं देती थी। पीड़ित जब संपर्क करते थे तो उन्हें टाल दिया जाता था। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पर्यटन मंत्रालय के तीन फर्जी आईडी कार्ड मिले
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पर्यटन मंत्रालय के तीन फर्जी आईकार्ड, 180 फर्जी विजिटिंग कार्ड, 14 फर्जी मोहरें, 15 फर्जी एमओयू दस्तावेज, तीन मोबाइल फोन, एक क्रेटा कार और सात हजार 100 रुपए बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने माना कि उन्होंने लोगों को झांसा देकर बड़ी रकम कमाई। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े थे।साथ ही बैंक खातों और ठगी से अर्जित संपत्ति की जांच भी शुरू कर दी गई है।
गर्मी के छुट्टियों के सीजन में अधिक होती है ठगी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। कुछ कंपनियां गर्मियों की छुट्टियां देती हैं। इसी का फायदा उठाकर ठग लोगों को झांसे में लेते हैं। आरोपी अक्सर सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार कर लोगों को झांसे में लेते हैं। ये आरोपी रोडवेज, मेट्रो, बाजार और मॉल के अंदर कैंप लगाकर कंपनी का पंफलेट बांटते थे। उस पर दर्ज नंबर पर कॉल करने पर पीड़ित को ऑफिस बुलाया जाता था। वहां आरोपियों द्वारा शानदार प्रस्तुति दी जाती थी। कई बार कहा जाता था कि ऑफर केवल उसी दिन के लिए है, इसलिए तुरंत भुगतान करना होगा।
ऐसे मामलों से बचने के लिए रखें सावधानी
  • ऑनलाइन और ऑफलाइन टूर पैकेज बुक करते समय लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। कुछ आसान सावधानियां अपनाकर ठगी से बचा जा सकता है।
  • किसी भी ट्रैवल कंपनी की वेबसाइट, जीएसटी नंबर और रजिस्ट्रेशन जरूर जांचें।
  • पर्यटन मंत्रालय की मान्यता का दावा करने वाली कंपनी की जानकारी सरकारी पोर्टल पर सत्यापित करें।
  • बहुत सस्ते और अविश्वसनीय ऑफर से सावधान रहें।
  • बिना जांच-पड़ताल के एडवांस भुगतान न करें।
  • भुगतान हमेशा कंपनी के आधिकारिक खाते में करें।
  • कंपनी का ऑफिस, ग्राहक समीक्षा और सोशल मीडिया प्रोफाइल जरूर देखें।
  • एग्रीमेंट और रसीद लिए बिना पैसा जमा न करें। अगर कंपनी तुरंत निर्णय लेने का दबाव बना रही हो तो सतर्क हो जाएं।
Saurabh Yadav
Saurabh Yadav
Articles: 72

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios
Work With Us