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“डबल इंजन सरकार वाले राज्यों में ज्यादा पेपर लीक”
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि देश में सबसे ज्यादा पेपर लीक उन्हीं राज्यों में हुए हैं, जहां भाजपा की “डबल इंजन सरकार” है। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। केजरीवाल ने कहा कि 2017, 2021 और 2024 में भी बड़े पेपर लीक सामने आए थे, लेकिन जांच एजेंसियां कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकीं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि हर बार जांच सीबीआई को सौंपी जाती है, लेकिन नतीजा क्या निकलता है।सीबीआई और केंद्र सरकार पर सवाल
Central Bureau of Investigation को लेकर भी केजरीवाल ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सीबीआई उन्हीं लोगों को रिपोर्ट करती है, जिन पर पेपर लीक कराने के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से केंद्र में मोदी सरकार आई है, तब से देश में 93 पेपर लीक हो चुके हैं। उनके अनुसार, इन परीक्षाओं से करीब 6 करोड़ युवाओं का भविष्य जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पेपर लीक होना कई सवाल खड़े करता है।नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण दिया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के युवाओं ने सड़कों पर उतरकर सरकारें बदल दीं। उन्होंने कहा कि भारत के युवा भी अगर एकजुट हों, तो पेपर लीक कराने वालों को जेल भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर करने से कुछ नहीं होगा। युवाओं को संगठित होकर आवाज उठानी होगी, तभी व्यवस्था में बदलाव आएगा।“युवाओं को आंदोलन करना होगा”
केजरीवाल ने कहा कि वर्षों से नीट समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं और लोग कुछ समय नाराज होने के बाद आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन अब समय आ गया है कि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि सिस्टम अपने आप नहीं चलता, उसके पीछे लोग होते हैं। उन लोगों को पकड़कर जेल भेजना जरूरी है। इसके लिए देश के युवाओं को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना होगा।Tags