किसानों की जमीन रजिस्ट्री पर रोक का विरोध तेज

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Mediawali news

Bhartiya Kisan Union (Bhanu) ने बिहार सरकार के उस फैसले का कड़ा विरोध किया है, जिसमें राज्य के 11 जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप योजना के तहत जमीन रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है। यूनियन ने इस निर्णय को किसान विरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।

प्रदेश अध्यक्ष का तीखा बयान

यूनियन के बिहार प्रदेश अध्यक्ष Anjani Kumar Vinod ने पटना में जारी बयान में कहा कि इस फैसले ने किसानों को आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित किया है। उनका कहना है कि किसान अपनी ही जमीन होते हुए भी जरूरत के समय उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

आर्थिक संकट में घिरा अन्नदाता

यूनियन के अनुसार, जमीन रजिस्ट्री पर रोक के कारण किसान अपनी बेटी की शादी, गंभीर बीमारी के इलाज, बच्चों की शिक्षा और पारिवारिक दायित्वों के लिए धन जुटाने में असमर्थ हो गए हैं। इससे किसानों पर आर्थिक दबाव के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

सरकार से प्रमुख मांगें

Bhartiya Kisan Union (Bhanu) ने सरकार से मांग की है कि विकास योजनाओं के नाम पर किसानों के मौलिक अधिकारों का हनन बंद किया जाए। साथ ही जमीन बिक्री की प्रक्रिया को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि किसान अपनी जरूरतों के अनुसार निर्णय ले सकें।

मुआवजा और हिस्सेदारी की मांग

यूनियन ने यह भी मांग रखी है कि प्रभावित किसानों को वर्तमान बाजार दर से चार गुना मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही प्रस्तावित टाउनशिप परियोजनाओं में किसानों की व्यावसायिक हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि वे अपने भविष्य को सुरक्षित रख सकें।

आंदोलन की चेतावनी

यूनियन ने साफ किया है कि यदि सरकार ने जल्द ही इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया, तो पूरे बिहार में व्यापक जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह लड़ाई किसानों के अधिकार, आजीविका और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए है।

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