खेरेश्वर गंगा घाट पर डूबते युवक की नाविक ने बचाई जान
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कानपुर/बिल्हौर। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच मंगलवार शाम कानपुर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र स्थित खेरेश्वर गंगा घाट पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गंगा स्नान के दौरान एक युवक अचानक गहरे पानी में डूबने लगा। मौके पर मौजूद नाविक की सूझबूझ, साहस और तत्परता ने उसकी जान बचा ली। युवक एक बार नहीं, बल्कि दो बार नदी में कूदने की कोशिश करता रहा, लेकिन नाविक, गोताखोर और पुलिस की सतर्कता से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाविक कुछ सेकंड भी देर कर देता तो युवक को बचाना मुश्किल हो सकता था।
शराब के नशे में गहरे पानी में पहुंचा युवक
जानकारी के अनुसार शिवराजपुर कस्बे के वार्ड नंबर-1 निवासी करीब 40 वर्षीय युवक मंगलवार शाम गंगा स्नान के लिए खेरेश्वर घाट पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक शराब के नशे में था। स्नान करते समय वह अचानक गहरे पानी की ओर चला गया और फिर छलांग लगा दी। तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और डूबने लगा। युवक को हाथ-पैर मारते देख घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे, जबकि कई श्रद्धालु भयभीत होकर किनारे की ओर हट गए।
नाविक ने दिखाई बहादुरी, कुछ ही पलों में बचाई जान
घटना के समय गंगा में नाव चला रहे एक नाविक ने युवक को डूबता देखा। बिना समय गंवाए उसने नदी में छलांग लगा दी। उसके साथ मौजूद एक अन्य साथी ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया। दोनों ने काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन बाहर आने के बाद भी युवक सामान्य नहीं हुआ। नशे की हालत में उसने दोबारा नदी में कूदने की कोशिश की। इस बार भी नाविक और एक गोताखोर ने तत्काल उसे पकड़कर बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाविकों की सतर्कता और अनुभव के कारण एक परिवार उजड़ने से बच गया।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही गंगा तट पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। युवक लगातार नदी की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहा था, इसलिए स्थानीय लोगों और पुलिस ने उसे पकड़कर सुरक्षित स्थान पर बैठाया। समझाने-बुझाने और चेतावनी देने के बाद पुलिस ने युवक को उसके घर भेज दिया। पुलिस ने लोगों से भी अपील की कि नशे की हालत में नदी, तालाब या अन्य जलाशयों में स्नान करने से बचें।
गुरु पूर्णिमा पर बढ़ेगी भीड़, प्रशासन ने बरतने को कहा सावधानी
घटना ऐसे समय हुई है जब गुरु पूर्णिमा के अवसर पर खेरेश्वर गंगा घाट सहित आसपास के घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, गोताखोरों और नाविकों की तैनाती तथा पुलिस निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल निर्धारित स्थानों पर ही स्नान करें और गहरे पानी में जाने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष नजर रखने की भी सलाह दी गई है।
मानवीय पहलू: कुछ सेकंड की सतर्कता ने बचा लिया एक परिवार
यह घटना केवल एक हादसे की खबर नहीं, बल्कि उन नाविकों और गोताखोरों की बहादुरी की मिसाल भी है जो हर साल गंगा घाटों पर अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जिंदगी बचाते हैं। अक्सर ये लोग बिना किसी विशेष संसाधन के तेज बहाव में उतरकर बचाव कार्य करते हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर वर्ष हजारों लोगों की मौत डूबने की घटनाओं में होती है, जिनमें बड़ी संख्या नदी, तालाब और अन्य खुले जल स्रोतों में स्नान या लापरवाही के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं की होती है। ऐसे में प्रशासन की व्यवस्था के साथ-साथ लोगों की सावधानी भी बेहद जरूरी है। खेरेश्वर घाट की यह घटना याद दिलाती है कि कुछ पल की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, जबकि किसी सजग व्यक्ति की त्वरित कार्रवाई किसी परिवार की खुशियां बचा सकती है।