खामेनेई के साथ हुई घटना पर प्रधानमंत्री की चुप्पी, कांग्रेस का आरोप-अमेरिका और इजरायल को नाराज़ नहीं करना चाहते मोदी
Mediawali news, नई दिल्ली
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई से जुड़ी हालिया घटना को लेकर भारत की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सरकार अमेरिका और इजरायल जैसे अपने सहयोगी देशों को नाराज़ नहीं करना चाहती, इसलिए इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी घटना के बावजूद भारत सरकार की ओर से कोई औपचारिक और स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी का आरोप है कि भारत की विदेश नीति पहले की तुलना में अधिक “दबाव आधारित” होती जा रही है और सरकार वैश्विक शक्तियों के रुख को देखकर ही बयान दे रही है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जब दुनिया के कई देशों में इस घटना को लेकर चर्चा और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, तब भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री का मौन कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि भारत हमेशा से स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन मौजूदा स्थिति में सरकार की चुप्पी उस पर सवाल खड़े कर रही है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि भारत का ईरान के साथ ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध रहा है। ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहयोग रहा है। ऐसे में इस तरह की घटना पर भारत की ओर से कम से कम एक आधिकारिक प्रतिक्रिया आनी चाहिए थी।
हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई विस्तृत बयान नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत इस समय पश्चिम एशिया की जटिल कूटनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा हो सकता है। भारत के अमेरिका और इजरायल के साथ भी मजबूत रणनीतिक और सुरक्षा संबंध हैं, इसलिए सरकार किसी भी तरह के बयान में सावधानी बरत रही हो सकती है।
फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी जारी है और आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है। विपक्ष सरकार से स्पष्ट रुख की मांग कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।