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कानपुर में स्टंटबाज बाइकर्स पर चलेगा विशेष अभियान, बिना हेलमेट वालों पर सख्ती, जुलाई में 39,021 मामलों में कार्रवाई

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कानपुर नगर। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब कार्रवाई और तेज होगी। सड़कों पर बाइक से स्टंट करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों की जांच भी बढ़ाई जाएगी। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों को लगातार प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सख्त निर्देश

शुक्रवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, यातायात नियमों का पालन कराने और सड़कों से अतिक्रमण हटाने समेत कई मुद्दों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन केवल अभियान के दौरान नहीं, बल्कि लगातार कराया जाए। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए।

स्टंटबाज बाइकर्स पर होगी विशेष निगरानी

सड़कों पर बाइक से स्टंट करने वाले युवाओं को लेकर बैठक में विशेष चिंता जताई गई। जिलाधिकारी ने ऐसे बाइकर्स के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस और परिवहन विभाग को ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया है, जहां अक्सर बाइकर्स स्टंट करते हैं। अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण इलाकों में बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों की जांच पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन है और इसके इस्तेमाल को लेकर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

जुलाई में बिना हेलमेट 39 हजार से ज्यादा कार्रवाई

जुलाई 2026 में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस और परिवहन विभाग ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। दोनों विभागों के आंकड़ों के अनुसार, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने के 39,021 मामलों में कार्रवाई की गई। इसी अवधि में रॉन्ग साइड ड्राइविंग के 11,778 और ओवर स्पीडिंग के 9,151 मामलों में कार्रवाई हुई। बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने पर 1,807, मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के 1,809 तथा बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने के 1,453 मामलों में कार्रवाई की गई। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल के 931, बिना फिटनेस वाहन संचालन के 902 और ड्रंक एंड ड्राइविंग के 363 मामलों में भी कार्रवाई हुई। अंडर एज ड्राइविंग के चार और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिले स्कूली वाहनों के 44 मामलों में कार्रवाई की गई।

एनएच-34 पर ओवरलोड वाहनों की होगी जांच

बैठक में एनएच-34 पर उपखनिजों की ढुलाई करने वाले वाहनों में ओवरलोडिंग का मुद्दा भी उठा। जिलाधिकारी ने ऐसे वाहनों की सघन जांच और प्रवर्तन कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कुछ वाहन नंबर प्लेट को छिपा लेते हैं या नंबर प्लेट स्पष्ट दिखाई नहीं देती। जुलाई में यातायात विभाग ने ऐसे मामलों में 435 चालान किए थे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि वाहनों की नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जाए।

अतिक्रमण पर दो पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से स्पष्टीकरण

सड़कों से अतिक्रमण हटाने के मामले में अपेक्षित जानकारी प्रस्तुत नहीं कर पाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड अपनी सड़कों पर अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट नहीं कर सका। इस पर अधिशासी अभियंता अनूप कुमार मिश्रा से स्पष्टीकरण तलब किया गया। वहीं पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता अखंडेश्वर प्रसाद ने बताया कि उनके डिवीजन की सड़कों पर 30 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इनमें 22 अस्थायी और आठ स्थायी हैं। सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और स्पष्टीकरण मांगा।पीडब्ल्यूडी एनएच खंड की ओर से बताया गया कि रामादेवी से कल्याणपुर तक 905 अवैध अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक पंकज यादव ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर चिह्नित 823 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं।

स्कूली वाहन चालकों का होगा चरित्र सत्यापन

बैठक में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अहम निर्देश दिए गए। मिशन सेफ फ्यूचर के तहत जिलाधिकारी ने सभी स्कूली वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन और स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए। चालकों की आंखों की जांच भी कराई जाएगी। इसके साथ ही स्कूली वैन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर रोक लगाने और इसकी नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए।

घायल को अस्पताल पहुंचाने पर मिलेंगे 25 हजार

सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए राहवीर योजना की भी समीक्षा की गई। योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले पात्र व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। जिलाधिकारी ने इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटना के समय लोग घायल की मदद करने के लिए आगे आएं।

दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस इलाज की सुविधा

पीएम राहत जन आरोग्य योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ित को अधिकतम सात दिन या 1.50 लाख रुपये तक, जो भी पहले हो, कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। कानपुर में इसके लिए नौ अस्पताल चिह्नित किए गए हैं। इनमें वेदान्ता हॉस्पिटल, डेल्टा हॉस्पिटल, आशीर्वाद हॉस्पिटल, चांदनी हॉस्पिटल प्रा. लि., उजाला सिग्नस कुलवंती हॉस्पिटल, नारायणा हॉस्पिटल, रामादेवी मेडिकल सेंटर प्रा. लि., रामा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर और रामा हॉस्पिटल शामिल हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए और पात्र दुर्घटना पीड़ितों को समय से उपचार का लाभ मिले। बैठक में डीसीपी ट्रैफिक रवींद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक कुमार गुप्ता समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

 

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