Kanpur News: फर्जी भूमि उपयोग आदेश मामले में डीएम की बड़ी कार्रवाई, पेशकार निलंबित, FIR दर्ज
Mediawali news, Kanpur
Kanpur News की नर्वल तहसील में फर्जी आदेश तैयार कर जमीन का भूमि उपयोग बदलने की कोशिश का बड़ा मामला सामने आया है। मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया और जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर आरोपी पेशकार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार, एक ऐसा प्रकरण जिसे न्यायालय पहले ही खारिज कर चुका था, उसमें जमीन को कृषि से औद्योगिक उपयोग के लिए घोषित करने का फर्जी आदेश तैयार किया गया। इतना ही नहीं, इस आदेश को खतौनी में दर्ज करने के लिए कम्प्यूटर कक्ष भी भेज दिया गया था। हालांकि समय रहते मामले का खुलासा हो गया और फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब तहसील के कम्प्यूटर ऑपरेटर रोहित भदौरिया को फीडिंग के लिए आया आदेश संदिग्ध लगा। उन्होंने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। इसके बाद तहसीलदार और उपजिलाधिकारी ने जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि संबंधित आवेदन को आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य न देने के कारण पहले ही न्यायालय द्वारा निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद ग्राम बिरहर की 0.41 हेक्टेयर भूमि को औद्योगिक उपयोग के लिए घोषित करने का आदेश तैयार कर भेज दिया गया था। उपजिलाधिकारी विवेक कुमार मिश्रा ने जांच के दौरान पाया कि आदेश पर लगे हस्ताक्षर उनके नहीं थे। किसी ने उनके हस्ताक्षर स्कैन करके फर्जी आदेश तैयार किया था। आरसीसीएमएस पोर्टल की जांच में भी यह पुष्टि हुई कि मामला पहले ही खारिज हो चुका था।
जांच में उपजिलाधिकारी न्यायालय में तैनात पेशकार अनुज त्रिपाठी की प्रथम दृष्टया संलिप्तता सामने आई। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 336(3), 337 और 340(2) के तहत नर्वल थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी अभिलेखों में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस घटना के बाद तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने निकले शंकराचार्य, खेरेश्वर मंदिर में किया जलाभिषेक