कानपुर के पाठकपुर में प्राथमिक विद्यालय बंद होने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पुनः संचालन की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन
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कानपुर/बिल्हौर। शिवराजपुर ब्लॉक के ग्राम सभा भटपुरा के मजरा पाठकपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय को दोबारा बंद कर भटपुरा प्राथमिक विद्यालय में मर्ज किए जाने के फैसले के खिलाफ ग्रामीणों और अभिभावकों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और स्थानीय लोग विद्यालय परिसर में एकत्र हुए और प्रदर्शन कर विद्यालय को पूर्व की भांति संचालित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल पहुंचे बच्चे, मिला ताला
ग्रामीणों के अनुसार, ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद 25 जून को जब बच्चे नियमित रूप से विद्यालय पहुंचे, तो उन्हें विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा मिला। अभिभावकों ने जब इसकी जानकारी जुटाई तो पता चला कि प्राथमिक विद्यालय पाठकपुर को पुनः भटपुरा प्राथमिक विद्यालय में समायोजित कर दिया गया है। इस सूचना के बाद गांव में नाराजगी फैल गई और अभिभावकों ने इसे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना ग्रामीणों और अभिभावकों की सहमति के विद्यालय बंद करने का निर्णय लिया गया है, जिससे बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
पहले भी हुआ था विद्यालय का विलय, बाद में शुरू हुआ था संचालन
ग्रामीणों ने बताया कि बीते वर्ष कम छात्र संख्या का हवाला देते हुए विद्यालय का भटपुरा प्राथमिक विद्यालय में विलय कर दिया गया था। हालांकि, बाद में शासन स्तर पर जारी संशोधित आदेशों के तहत कई विद्यालयों का पुनः संचालन शुरू किया गया था। उसी क्रम में तत्कालीन प्रधानाध्यापिका के प्रयासों से पाठकपुर प्राथमिक विद्यालय भी दोबारा संचालित होने लगा था। ग्रामीणों का आरोप है कि अब एक बार फिर विद्यालय को बंद कर दिया गया है, जिससे बच्चों और अभिभावकों की समस्याएं बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि जब विद्यालय पहले सफलतापूर्वक संचालित हो रहा था, तो उसे दोबारा बंद करने का कोई औचित्य नहीं बनता।
राष्ट्रीय राजमार्ग पार कर स्कूल जाना बच्चों के लिए खतरा
प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर जताई। उनका कहना है कि भटपुरा प्राथमिक विद्यालय पाठकपुर से लगभग ढाई किलोमीटर दूर स्थित है। वहां पहुंचने के लिए छोटे-छोटे बच्चों को राष्ट्रीय राजमार्ग (जीटी रोड) पार करना पड़ता है, जहां भारी वाहनों का लगातार आवागमन रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के मौसम में जलभराव और सर्दियों में घने कोहरे के दौरान बच्चों का विद्यालय जाना और अधिक जोखिम भरा हो जाएगा। इससे बच्चों की नियमित उपस्थिति प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहेगी। उनका कहना है कि यह स्थिति शिक्षा के अधिकार अधिनियम की मूल भावना के विपरीत है।
नई समायोजन नीति-2026 का हवाला देकर की पुनः संचालन की मांग
ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रार्थना पत्र भेजकर नवीन समायोजन नीति-2026 के सुगम दूरी संबंधी प्रावधानों का उल्लेख किया है। उन्होंने मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक विद्यालय पाठकपुर का संचालन तत्काल प्रभाव से पुनः शुरू किया जाए। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि सोमवार को संबंधित अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में हरीशचंद्र, अजय, दिग्विजय, शिवराम, संगीता, रेखा, जागेश्वरी, बाबू सिंह, राधा, हरिओम, रामजीवन, रूबी अवस्थी, अशोक तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक उपस्थित रहे।