कानपुर में हर पात्र बच्चे तक टीकाकरण पहुंचाने को छह जोनल हेल्थ कमेटियां करेंगी निगरानी।
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कानपुर नगर में नियमित टीकाकरण अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने नई रणनीति तैयार की है। अब शहर के छह जोनों में गठित जोनल हेल्थ कमेटियां उन परिवारों तक भी पहुंचेंगी जो टीकाकरण से हिचकिचाते हैं या किसी कारणवश अपने बच्चों का टीकाकरण नहीं करा रहे हैं। इन परिवारों को जागरूक कर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से टीकाकरण कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा।
यह निर्देश मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे. जैन ने मंगलवार को आयोजित सिटी हेल्थ एक्शन प्लान समीक्षा-सह-ओरिएंटेशन बैठक में दिए। बैठक का मुख्य उद्देश्य नियमित टीकाकरण की पहुंच बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना था कि शहर का कोई भी पात्र बच्चा या लाभार्थी टीकाकरण से वंचित न रहे।
छह जोनों में बनेगी मजबूत निगरानी व्यवस्था
बैठक में शहर के सभी छह जोनों की जोनल हेल्थ कमेटियों के सदस्य शामिल हुए। सीडीओ ने बताया कि प्रत्येक जोन में गठित बहु-विभागीय कमेटी का नेतृत्व संबंधित जोनल अधिकारी करेंगे। इन समितियों में केवल स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि आईसीडीएस, शिक्षा विभाग, नगर निकाय और खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
टीकाकरण से इनकार करने वाले परिवारों तक पहुंचेगी टीम
बैठक में विशेष रूप से उन परिवारों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो किसी कारण से बच्चों का टीकाकरण नहीं कराते या इसमें हिचकिचाहट दिखाते हैं। सीडीओ ने निर्देश दिए कि ऐसे परिवारों की पहचान कर उनसे सीधे संवाद किया जाए। स्वास्थ्य कर्मी और संबंधित विभागों की टीमें उन्हें टीकाकरण के लाभ समझाएं और भ्रांतियों को दूर कर बच्चों को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से जोड़ें। प्रशासन का मानना है कि जागरूकता बढ़ने से टीकाकरण का दायरा और मजबूत होगा।
हर सप्ताह होगी प्रगति की समीक्षा
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक सप्ताह टीकाकरण अभियान की समीक्षा करें। समीक्षा के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कौन-कौन से बच्चे अब तक टीकाकरण से छूटे हुए हैं। ऐसे बच्चों की सूची तैयार कर उन्हें जल्द से जल्द टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र बच्चे तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।
बुधवार और शनिवार के सत्रों की होगी निगरानी
शहर में नियमित टीकाकरण सत्र प्रत्येक बुधवार और शनिवार को आयोजित किए जाते हैं।
सीडीओ ने निर्देश दिया कि इन सत्रों का जोनल अधिकारी और जोनल हेल्थ कमेटी के सदस्य स्वयं निरीक्षण करेंगे।
निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि—
- टीकाकरण केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
- लाभार्थियों की उपस्थिति संतोषजनक है या नहीं।
- स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।
संयुक्त भ्रमण से दूर होंगी कमियां
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी जोनल हेल्थ कमेटियां समय-समय पर अपने क्षेत्रों का संयुक्त भ्रमण करेंगी। यदि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उसका समयबद्ध समाधान कराया जाएगा। जो समस्याएं स्थानीय स्तर पर हल नहीं हो पाएंगी, उन्हें उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा ताकि आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके।
लाभार्थियों से पहले ही किया जाएगा संपर्क
टीकाकरण सत्रों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने नई व्यवस्था भी लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब प्रत्येक यूएचएसएनडी (UHSND) सत्र से एक दिन पहले यूविन (UWIN) ड्यू लिस्ट के आधार पर लाभार्थियों से संपर्क किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन बच्चों या गर्भवती महिलाओं को टीका लगना है, वे निर्धारित तिथि पर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच सकें।
जनजागरूकता अभियान पर भी रहेगा फोकस
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। इसके लिए समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि लोग नियमित टीकाकरण के महत्व को समझें और किसी भी तरह की भ्रांति से दूर रहें। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एम. के. सिंह, नगर निगम के जोनल अधिकारी, जेएसआई (JSI) की प्रतिनिधि हुदा जेहरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सभी छह जोनों की जोनल हेल्थ कमेटियों के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में सभी विभागों ने मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करने का संकल्प दोहराया।
लक्ष्य—हर बच्चे तक समय पर टीका
प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि कानपुर का कोई भी पात्र बच्चा नियमित टीकाकरण से वंचित न रहे। इसके लिए बहु-विभागीय समन्वय, नियमित निगरानी, जनजागरूकता और समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यदि यह रणनीति प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो शहर में नियमित टीकाकरण का दायरा और मजबूत होगा तथा बच्चों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।