आईएमएस नोएडा की छात्राओं ने भारत रक्षा पर्व पर वीर जवानों के लिए प्रेम और सम्मान से राखियां भेजीं।
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रक्षाबंधन का पर्व केवल भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक नहीं, बल्कि देश की रक्षा में दिन-रात सीमाओं पर तैनात सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर बनता जा रहा है। इसी भावना को साकार करते हुए दैनिक जागरण के राष्ट्रीय अभियान ‘भारत रक्षा पर्व 2026’ के तहत आईएमएस नोएडा में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने देश के वीर जवानों के लिए अपने हाथों से राखियां तैयार कर उन्हें भावनात्मक शुभकामना संदेशों और पत्रों के साथ समर्पित किया।
पूर्व सैन्य अधिकारी ने साझा किए प्रेरक अनुभव
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारतीय सेना के वरिष्ठ पूर्व अधिकारी कर्नल सुरेश कुमार श्रीवास्तव रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय सैनिकों के साहस, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देश सेवा के अद्भुत उदाहरणों से परिचित कराया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिक अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रहकर देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं, ताकि देशवासी सुरक्षित जीवन जी सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को भी समझें और सैनिकों के त्याग का सम्मान करें।
राखियों के साथ भेजे भावनात्मक संदेश
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया जब आईएमएस नोएडा की छात्राओं ने सीमाओं पर तैनात सैनिकों के लिए रंग-बिरंगी राखियां तैयार कर उन्हें समर्पित किया। राखियों के साथ छात्राओं ने अपने हाथों से शुभकामना संदेश और पत्र भी लिखे, जिनमें उन्होंने सैनिकों के प्रति स्नेह, सम्मान और आभार व्यक्त किया। इन संदेशों में देश की रक्षा के लिए समर्पित जवानों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। दैनिक जागरण के ‘भारत रक्षा पर्व 2026’ अभियान के माध्यम से ये राखियां देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाई जाएंगी।
युवाओं में राष्ट्रप्रेम बढ़ाने का प्रयास
आईएमएस नोएडा के वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सैनिकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान युवाओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व और सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं। रक्षाबंधन जैसे पर्व पर सैनिकों तक शुभकामनाएं पहुंचाना समाज और सेना के बीच भावनात्मक संबंधों को और मजबूत बनाता है।
शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं, संस्कार भी
आईएमएस नोएडा के एडवाइजर प्रो. (डॉ.) जे. के. शर्मा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भाव के संस्कार विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को देशभक्ति, अनुशासन और संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
सैनिकों के बलिदान से परिचित होना जरूरी
डीन मैनेजमेंट एवं सीआरसी डॉ. वर्तिका चतुर्वेदी ने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय सैनिकों के त्याग, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब युवा सैनिकों के जीवन और उनके समर्पण को समझते हैं, तो उनमें देश के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान की भावना स्वतः विकसित होती है। ऐसे कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि भावनात्मक और नैतिक शिक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
रक्षाबंधन को मिला राष्ट्रभक्ति का संदेश
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्षाबंधन केवल पारिवारिक रिश्तों का पर्व नहीं, बल्कि उन वीर सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करने का भी अवसर है, जो अपने परिवार से दूर रहकर पूरे देश की रक्षा करते हैं। आईएमएस नोएडा में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए एक भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ। छात्राओं द्वारा भेजी गई राखियां और संदेश निश्चित रूप से सीमाओं पर तैनात जवानों तक देशवासियों के प्रेम, विश्वास और सम्मान का संदेश पहुंचाएंगे।