गर्मी की छुट्टियां बनीं ‘साइंस लैब’, IIT कानपुर के सहयोग से सरकारी स्कूलों के बच्चे सीख रहे रोबोटिक्स और डेटा माइनिंग
समर साइंस कैंप 2026 में विज्ञान को प्रयोगों के जरिए समझ रहे छात्र
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कानपुर में इस बार गर्मी की छुट्टियां बच्चों के लिए सिर्फ आराम का समय नहीं, बल्कि विज्ञान और तकनीक को करीब से समझने का मौका बन गई हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के मेधावी छात्र इन दिनों आईआईटी कानपुर के सहयोग से आयोजित “ग्रीष्मकालीन विज्ञान शिविर-2026” में हिस्सा लेकर रोबोटिक्स, डेटा माइनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोलर तकनीक जैसी आधुनिक विषयों की व्यवहारिक जानकारी हासिल कर रहे हैं। 26 मई से शुरू हुआ यह समर साइंस कैंप 24 जून तक चलेगा। इसमें कक्षा 9 से 11 तक के 30 विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। खास बात यह है कि इनमें अधिकांश छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं, जो पहली बार इतने बड़े वैज्ञानिक माहौल में सीखने का अनुभव ले रहे हैं।
बच्चों के लिए विज्ञान बना मजेदार अनुभव
रंजीत सिंह रोजी शिक्षा केंद्र में चल रहे इस कैंप का माहौल पारंपरिक क्लासरूम से बिल्कुल अलग दिखाई देता है। यहां छात्र केवल किताबों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खुद मॉडल बनाकर विज्ञान को समझ रहे हैं। कोई छात्र वायरलेस चार्जर बनाने की प्रक्रिया सीख रहा है तो कोई सोलर कुकर तैयार कर रहा है। कुछ बच्चे पानी से बिजली बनाने वाले मॉडल पर काम कर रहे हैं, जबकि कई छात्र कंप्यूटर स्क्रीन पर कोडिंग और डेटा माइनिंग की तकनीक समझ रहे हैं। बच्चों को प्रयोगों के जरिए विज्ञान की मूल अवधारणाएं सिखाई जा रही हैं, जिससे उनकी जिज्ञासा और रचनात्मक सोच लगातार बढ़ रही है।
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने किया निरीक्षण
बुधवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने भी समर साइंस कैंप का दौरा किया। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनके प्रोजेक्ट्स और सीखने के अनुभवों के बारे में जानकारी ली। डीएम ने कहा कि इस प्रकार के शिविरों का उद्देश्य बच्चों को व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार और आईआईटी कानपुर के सहयोग से यह पहल की जा रही है ताकि सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली छात्रों को आधुनिक विज्ञान और तकनीक की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि विज्ञान प्रयोगों, हैंड्स-ऑन एक्टिविटी और फील्ड एक्सपीरियंस के जरिए बच्चों में नवाचार और रिसर्च के प्रति रुचि विकसित की जा रही है।
कठिन चयन प्रक्रिया के बाद चुने गए छात्र
इस विशेष समर साइंस कैंप में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को कई चरणों से गुजरना पड़ा। पहले विज्ञान प्रदर्शनी, क्विज प्रतियोगिता और शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर छात्रों की शॉर्टलिस्टिंग की गई। इसके बाद इंटरव्यू के जरिए छात्रों की तार्किक क्षमता, वैज्ञानिक सोच और विषय में रुचि का मूल्यांकन किया गया। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 मेधावी विद्यार्थियों को कैंप के लिए चुना गया।
IIT कानपुर के प्रोफेसर दे रहे प्रशिक्षण
इस विज्ञान शिविर का नेतृत्व आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर संदीप संगल कर रहे हैं। उनके साथ प्रो. आदित्य केलकर, प्रो. जे. रामकुमार, प्रभाकर और प्रो. सुधांशु सिंह भी बच्चों को विज्ञान और तकनीक की व्यवहारिक जानकारी दे रहे हैं। विशेषज्ञ बच्चों को आधुनिक तकनीक के उपयोग, वैज्ञानिक सोच और रिसर्च आधारित शिक्षा के बारे में समझा रहे हैं। इससे छात्रों को भविष्य में विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की प्रेरणा मिल रही है।
रोबोटिक्स, AI और एस्ट्रोनॉमी की भी ट्रेनिंग
पीईओ रीता सिंह ने बताया कि कैंप के दौरान विद्यार्थियों को पायथन प्रोग्रामिंग, डेटा माइनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, हाइड्रोपावर और सोलर तकनीक से जुड़े प्रोजेक्ट्स कराए जा रहे हैं। इसके अलावा छात्रों के लिए एस्ट्रोनॉमी गतिविधियों के तहत नाइट स्काई वाचिंग का आयोजन भी किया जाएगा। विद्यार्थियों को आईआईटी कानपुर परिसर की आधुनिक प्रयोगशालाओं और तकनीकी इकाइयों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा।
विज्ञान और नवाचार की ओर बढ़ते कदम
यह समर साइंस कैंप सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। विज्ञान को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय प्रयोगों और तकनीक के माध्यम से समझाने की यह पहल छात्रों के भविष्य को नई दिशा देने का काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण और सामान्य पृष्ठभूमि के बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ-साथ उन्हें देश के बड़े तकनीकी संस्थानों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।