फर्जी रॉ अधिकारी गिरफ्तार, टैब से दिल्ली ब्लास्ट की वीडियो मिली, जांच में जुटी एसटीएफ और एजेंसियां
अधिकारियों को फर्जी रॉ अधिकारी ने बताया कि उसकी पत्नी कुसुम जो छपरा बिहार में न्यायिक मजिस्ट्रेट है, उनसे फोन करके जानकारी की गई तो उन्होने बताया कि उनके पति गृह मंत्रालय में कार्यरत हैं और गोपनीय पद पर कार्यरत हैं। मामला संदिग्ध लगने पर फिलहाल रॉ अधिकारी को एसटीएफ ने अरेस्ट कर लिया है। जांच की जा रही है।
उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (एसटीएफ)की टीम ने आज तड़के एक फर्जी रॉ अधिकारी को गिरफ्तार किया है। यह कहीं पर खुद को राॅ अधिकारी तथा कहीं पर खुद को आर्मी का मेजर बताकर रहता था। इसने खुद को राॅ अधिकारी बताकर एक महिला जज से शादी की है। इसकी पत्नी बिहार के छपरा में तैनात हैं। वहीं आरोपी एक कंपनी बनाकर उसमें फर्जी तरीके से हैवी ट्रांजैक्शन करके, कंपनी के वर्थ को बढ़ाकर उसका शेयर मार्केट में जारी कर, लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने की योजना बना रहा था। कंपनी से संबंधित दस्तावेज भी एसटीएफ ने बरामद किया है। इसके पास से भारी मात्रा में फर्जी आईडी, चेक बुक, फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन पत्र, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड ,आधार कार्ड, वोटर आई कार्ड आदि बरामद हुआ है। एसटीएफ और गुप्तचर एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी इससे गहनता से पूछताछ कर रहे हैं। इसके टैब में दिल्ली ब्लास्ट से संबंधित वीडियो भी बरामद हुई है। वीडियो कब्जे में लेकर एसटीएफ और गोपनीय एजेंसियां जांच शुरू कर दी हैं।
नोएडा यूनिट अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि मंगलवार रात को सब इंस्पेक्टर अक्षय परमवीर कुमार त्यागी और उनकी टीम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति जो कि कभी स्वयं को मेजर अमित तो कभी खुद को रॉ डायरेक्टर बताकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा की सोसायटी में रहता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुए बम ब्लास्ट की वजह से इस सूचना को गंभीरता से ली गई। साथ ही एक टीम बनाकर पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसायटी ग्रेटर नोएडा में छापेमारी की गई। उन्होंने बताया कि जब टीम सोसायटी के उस फ्लैट में पहुंची जहां पर कथित राॅ अधिकारी रहता था तो दरवाजा एक महिला ने खोला। इसी बीच एक व्यक्ति वहां पर आ गया। उसने अपना नाम सुमित कुमार बताया। उसके हाथ में पकड़े हुए पर्स की तलाशी ली गई तो उसमें एक आई कार्ड केबिनेट सेक्रेट्रिएट गवर्नमेंट आफ इंडिया का मिला। जिसपर सुमित कुमार आईसी 7623 बी, रैंक जॉइंट सेक्रेटरी, डेजिग्नेशन डायरेक्टर (ऑपरेशन), जेआईसी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल, पुश्त पर सर्विस रिसर्च एंड एनेलसिस सर्विस, ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव, जन्मतिथि 25 मार्च 1988, पिता का नाम बृजनंदन शाह अंकित है।
शक होने पर एसटीएफ ने राॅ के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। जब वे लोग मौके पर आए तो उन्होंने जांच किया। पता चला कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति उनके विभाग में कार्यरत नहीं है। जो आई कार्ड उसके पास से बरामद हुआ है वह फर्जी है। उन्होंने बताया कि जिस फ्लैट में उक्त व्यक्ति रह रहा था उसके मकान मालकिन मंजू गुप्ता से जब संपर्क किया गया तो, उन्होंने कहा कि उनके यहां किराएदार मेजर अमित कुमार हैं। उन्होंने अपना पुलिस वेरिफिकेशन दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर के लेटर हैड पर मेजर अमित कुमार के नाम से करवाकर उपलब्ध करवाया है। मकान मालकिन मंजू गुप्ता ने एसटीएफ अधिकारियों को दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए वेरिफिकेशन की कॉपी व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी।
अधिकारियों को फर्जी रॉ अधिकारी ने बताया कि उसकी पत्नी कुसुम जो छपरा बिहार में न्यायिक मजिस्ट्रेट है, उनसे फोन करके जानकारी की गई तो उन्होने बताया कि उनके पति गृह मंत्रालय में कार्यरत हैं और गोपनीय पद पर कार्यरत हैं। मामला संदिग्ध लगने पर फिलहाल रॉ अधिकारी को एसटीएफ ने अरेस्ट कर लिया है। जांच की जा रही है।