ईरानी नेताओं की मौत पर रूस भड़का: इजरायल-अमेरिका पर ‘हत्या’ का आरोप, तनाव और बढ़ा
Mediawali news
वैश्विक राजनीति में तनाव एक बार फिर गहरा गया है। रूस ने ईरान के दो वरिष्ठ नेताओं—Ali Larijani और Gholamreza Soleimani की मौत की कड़ी निंदा की है। इन दोनों नेताओं की मौत इजरायल के हवाई हमलों में हुई बताई जा रही है। रूस ने इन हमलों को साधारण सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि “हत्या” करार दिया है।
Dmitry Peskov, जो क्रेमलिन के प्रवक्ता हैं, ने इस मुद्दे पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी संप्रभु देश के नेताओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रूस ऐसी किसी भी कार्रवाई की निंदा करता है, जिसमें किसी देश के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने की कोशिश की जाए।
बताया जा रहा है कि Ali Larijani ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख थे और देश की सुरक्षा रणनीति में उनकी अहम भूमिका थी। वह पहले संसद अध्यक्ष भी रह चुके थे और परमाणु वार्ताओं में ईरान का प्रमुख चेहरा माने जाते थे। हाल ही में तेहरान में हुए एक एयरस्ट्राइक में उनकी मौत हो गई। इस हमले में उनके बेटे और सुरक्षाकर्मी भी मारे गए।
इसी हमले में Gholamreza Soleimani भी मारे गए, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के तहत काम करने वाले बासिज बलों के कमांडर थे। उनकी मौत को भी ईरान के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
इजरायल की ओर से इस हमले को लेकर प्रतिक्रिया भी सामने आई। Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने इन हमलों में लारीजानी के मारे जाने का दावा किया था, जिसकी बाद में ईरान ने पुष्टि कर दी। इसके बाद तेहरान में दोनों नेताओं के जनाजे में हजारों लोग शामिल हुए, जिससे देश में गहरा शोक और गुस्सा देखा गया।
रूस का कहना है कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा रही है। क्रेमलिन ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया और तुरंत संघर्ष रोकने तथा बातचीत शुरू करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम ईरान के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि हाल के महीनों में उसके कई शीर्ष नेता निशाने पर रहे हैं। इससे पहले भी देश के सर्वोच्च नेतृत्व पर हमले की खबरें सामने आई थीं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने इसे बड़ा नुकसान बताते हुए इजरायल के खिलाफ सख्त प्रतिक्रिया देने की बात कही है।
कुल मिलाकर, इस घटना ने मध्य-पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है। रूस की तीखी प्रतिक्रिया के बाद अब यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और गंभीर होता नजर आ रहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या इस बढ़ते तनाव को बातचीत के जरिए कम किया जा सकेगा या हालात और बिगड़ेंगे।