ईरान संकट के बीच भारत सरकार का बड़ा फैसला, फंसे भारतीय नागरिकों की वापसी की तैयारी तेज
15 दिनों से जारी हिंसा ने बढ़ाई चिंता
ईरान में पिछले करीब 15 दिनों से जारी हिंसा, विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हालात लगातार बिगड़ते देख केंद्र सरकार ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने विशेष अभियान शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं, जिसके तहत भारत लौटने के इच्छुक नागरिकों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाया जाएगा।
शुक्रवार से शुरू हो सकता है विशेष अभियान
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार शुक्रवार से ईरान से भारतीय नागरिकों की वापसी के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत कर सकती है। विदेश मंत्रालय ईरान में मौजूदा हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और वहां रह रहे भारतीयों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है। मंत्रालय उन सभी नागरिकों का विवरण एकत्र कर रहा है, जो असुरक्षित हालात के कारण स्वदेश लौटना चाहते हैं।
हिंसा और विरोध प्रदर्शनों से भयावह हुए हालात
ईरान में जारी संकट ने वहां की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं और कई इलाकों में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सुरक्षा हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि विदेशी नागरिकों, खासकर छात्रों और कामकाजी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए भारत सरकार ने समय रहते अपने नागरिकों को निकालने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
कैसे शुरू हुआ ईरान में संकट?
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ईरान में अस्थिरता का दौर पिछले महीने के अंत में ईरानी मुद्रा ‘रियाल’ में आई भारी गिरावट के बाद शुरू हुआ।
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आर्थिक संकट से उपजा असंतोष धीरे-धीरे राजनीतिक आंदोलन में बदल गया।
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यह आंदोलन ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल चुका है।
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मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 3,428 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
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बीते कुछ दिनों में हालात और अधिक गंभीर होने की खबरें सामने आई हैं।
विदेश मंत्रालय की रणनीति और भूमिका
विदेश मंत्रालय ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए विस्तृत योजना तैयार कर रहा है। मंत्रालय नागरिकों के ठहरने के स्थान, यात्रा व्यवस्था और सुरक्षित मार्गों की जानकारी जुटा रहा है। हालात को देखते हुए यह अभियान पूरी तरह स्वैच्छिक होगा, यानी केवल वही नागरिक भारत लौटेंगे जो ऐसा करना चाहते हैं।
संचार बाधित, फिर भी दूतावास सक्रिय
ईरान में मौजूदा हालात के कारण इंटरनेट सेवाएं काफी हद तक बंद कर दी गई हैं और टेलीफोन लाइनें भी रुक-रुक कर ही काम कर रही हैं। इस संचार अवरोध के बावजूद तेहरान स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय है।
दूतावास के अधिकारी स्वयं अलग-अलग इलाकों में जाकर भारतीय छात्रों, कामगारों और अन्य नागरिकों से संपर्क कर रहे हैं। उन्हें सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं और आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। हालात चाहे जैसे भी हों, संकट के समय नागरिकों को सुरक्षित निकालना सरकार की नीति का अहम हिस्सा है। ईरान के मौजूदा हालात को देखते हुए यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।
कुल मिलाकर, ईरान में जारी हिंसा और अस्थिरता के बीच भारत सरकार की यह पहल वहां फंसे भारतीयों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इस अभियान की विस्तृत जानकारी आधिकारिक तौर पर साझा की जा सकती है।