दूध की रोशनी में नहाया चांदनी चौक, मीना बाजार और चीतली कबर बाजार
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दूध की रोशनी में नहाया चांदनी चौक, मीना बाजार और चितली कबर बाजार
मुकद्दस महीने में इफ्तारी से सहरी तक रहती है रौनक
नई दिल्ली। मुकद्दस महीने रमजान में चांदनी चौक, मीना बाजार और चितली कबर बाजार दूध की रोशनी से जगमग हो गई है। अकीदतमंद देश के कई राज्यों से यहां पहुंच रहे हैं। वह अपना रोजा पूरा करने के लिए मगरिब के समय जामा मस्जिद में ठहरते हैं और इफ्तार करने के बाद बाजार की रौनक देखने निकल पड़ते हैं। वह इफ्तार से लेकर सहरी तक बाजार में घूमते हैं। फिर सहरी करने के बाद जामा मस्जिद में फज्र की नमाज अदा करते हैं और अपने घर लौट जाते हैं।
जामा मस्जिद पहुंचने से पहले ही दिल्ली गेट से बाजार जगमग हो जाती है। प्रवेश द्वार पर पुलिस की बैरिकेडिंग लगी होती है। ताकि बाजार के अंदर कोई वाहन प्रवेश न कर पाए और रूहानी मंजर में खलल न डाले। जामा मस्जिद से लेकर से लेकर बल्लीमारान तक चारों तरफ रोशनी ही रोशनी दिखाई देती है। सिर के ऊपर झालर वाली रंग-बिरंगी लाइट चमक रही होती है। यह नजारा देखकर भारी मन हल्का हो जाता है। कुछ पल के लिए हम अपनी जिम्मेदारी और तनाव भूल जाते हैं। हमारे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और यहां के रूहानी मंजर को हम अपनी आंखों में कैद करने लगते हैं। मीना बाजार पहुंचने पर चारों तरफ खाने पीने की कई सारी लजीज चीजें बिक रही होती हैं। लोग यहां पर दुनिया भर का सामान खरीदते हुए नजर आते हैं। मटिया महल पहुंचने पर इत्र की खुशबू आने लगती है। दुकान के सामने शेख की वेश-भूषा में कई शेख बनकर खड़े होते हैं। वह बहुत ही सलीके से लोगों का इस्तकबाल करते हैं। इससे आगे निकलने पर चितली कबर बाजार शुरू हो जाता है। यह बाजार भी गुलजार नजर आता है। इसी तरह बाजार से हम जैसे-जैसे आगे की ओर निकलते-जाते हैं, सुई वलान पहुंच जाते हैं। यहां भी पूरा माहौल रंगों से सजा रहता है।
साल भर करते हैं इंतजार
अकीदतमंद चांदनी चौक और मीना बाजार में इस नजारे का लुत्फ उठाने के लिए साल भर रमजान का इंतजार करते हैं। वह इस नजारे को देखने के लिए को देश के कई अन्य राज्यों से यहां आते हैं। यहां के जायके का लुत्फ उठाने के लिए वह विशेष रूप से मुकद्दस महीने का इंतजार करते हैं। इनमें कई लोग अपने परिवार के साथ भी आते हैं।
इफ्तार करने आते हैं, सहरी करके जाते हैं
अकीदतमंदों का कुछ समूह ऐसा भी आता है, जो सिर्फ जामा मस्जिद इफ्तार करने आते हैं, लेकिन यहां की चमक-दमक देखकर उनका मन बदल जाता है। फिर वे यहां की गलियों और चौराहों पर सारी रात बिता देते हैं। सुबह तड़के यहां पुरानी दिल्ली के जायके का आनंद लेते हैं। सहरी करते हैं, उसके बाद अपने घर लौट जाते हैं।
देश ही नहीं दुनिया से आते हैं लोग
रमजान में पुरानी दिल्ली का जायका और यहां बाजार की रौनक इतनी बढ़ जाती है कि यहां देश से ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों से लोग यहां रमजान मनाने आते हैं। वह मुकद्दस महीने में यहां की गलियों और बाजारों में घूमते हैं। यहां के रमजान के महीने में कुछ दिन बिताते हैं। फिर अपने वतन वापस लौट जाते हैं।
पूरी रात सुरक्षाकर्मी रहते हैं तैनात
जामा मस्जिद से लेकर बल्लीमारान तक पूरी रात सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। बाजार में अधिक भीड़ वाली जगहों पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाती है। साथ ही, यातायात को नियंत्रित करने के लिए मार्गों पर जगह-जगह पुलिस की बैरिकेडिंग लगी रहती है। इसके अलावा बाजार में पुलिस के जवान गश्त करते रहते हैं, ताकि कोई भी अनहोनी न हो।