दिल्ली पालम अग्निकांड: 30 मिनट की देरी और सिस्टम फेलियर ने छीनी 9 जिंदगियां

 हादसे की भयावह तस्वीर

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Mediawali news 

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार सुबह एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई, जिसमें एक ही परिवार के नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इमारत के भीतर धुएं का गुबार भर गया, जिससे दम घुटने की स्थिति बन गई।

30 मिनट की देरी और लापरवाही के आरोप

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने दमकल विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि:

  • फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची

  • हाइड्रोलिक लिफ्ट करीब आधे घंटे तक काम नहीं कर पाई

  • शुरुआती रेस्क्यू में भारी देरी हुई

लोगों का दावा है कि अगर समय रहते राहत कार्य शुरू हो जाता, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।

इमारत की संरचना बनी खतरा

पांच मंजिला इस इमारत में:

  • ग्राउंड और पहली मंजिल पर कपड़ा व कॉस्मेटिक शोरूम था

  • दूसरी और तीसरी मंजिल पर परिवार रहता था

  • संकरी गलियां और सीमित एंट्री-एग्जिट ने रेस्क्यू ऑपरेशन को मुश्किल बना दिया

प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। आग सुबह करीब 6:40 बजे लगी, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे।

 रेस्क्यू ऑपरेशन और मौजूदा स्थिति

घटना की सूचना सुबह 7:04 बजे मिली, जिसके बाद:

  • करीब 30 फायर टेंडर मौके पर पहुंचे

  • 11 एम्बुलेंस और NDRF टीम को लगाया गया

  • कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद 9 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। तीन लोग घायल हैं, जिनका इलाज जारी है। कुछ लोग जान बचाने के लिए इमारत से कूदने पर मजबूर हुए।

 बड़ा सवाल: क्या यह हादसा टल सकता था?

यह घटना राजधानी में आपदा प्रबंधन और फायर सेफ्टी सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करती है।
मुख्य चिंताएं:

  • क्या बिल्डिंग में फायर सेफ्टी मानकों का पालन हुआ था?

  • दमकल विभाग की तैयारी इतनी कमजोर क्यों थी?

  • संकरी गलियों में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच कैसे बेहतर होगी?

यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की खामियों का गंभीर संकेत है।

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