दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण, GRAP-IV के तहत सख्त नियम लागू
आज से प्रभावी हुए कड़े एंटी-पॉल्यूशन नियम
दिल्ली एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बुधवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-IV के तहत कई सख्त एंटी-पॉल्यूशन उपाय लागू कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि ये सभी नियम तत्काल प्रभाव से लागू होंगे, ताकि प्रदूषण के स्तर को काबू में लाया जा सके।
गैर-BS-VI वाहनों की एंट्री पर रोक
नए आदेशों के मुताबिक, दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI वाहनों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का मानना है कि पुराने वाहन प्रदूषण का बड़ा कारण हैं, इसलिए उन पर रोक लगाना जरूरी है। हालांकि यह प्रतिबंध केवल GRAP-IV लागू रहने तक ही प्रभावी रहेगा।
PUC नहीं तो ईंधन नहीं
सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी है। जिन वाहनों के पास वैध PUC नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल या डीज़ल नहीं दिया जाएगा। इससे सड़कों पर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या घटाने की कोशिश की जा रही है।
50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम
ट्रैफिक और उत्सर्जन कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे सड़कों पर वाहनों की आवाजाही घटेगी और हवा की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
भ्रम पर सरकार की सफाई
सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बाहरी राज्यों के गैर-BS-VI वाहनों पर रोक GRAP-IV तक ही सीमित है। अगर यह पाबंदी आगे भी जारी रहती, तो आम लोगों और कारोबार पर गंभीर असर पड़ सकता था।
विशेषज्ञों की चेतावनी और लोगों से अपील
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में हवा की रफ्तार कम होने, धूल और पराली जलाने के कारण दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण तेजी से बढ़ता है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे बेवजह बाहर न निकलें, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है।