दिल्ली एंट्री पर सख्ती: बॉर्डर से 591 वाहन लौटाए, 289 पर 77 लाख से ज्यादा का जुर्माना
चिल्ला, कालिंदी कुंज और डीएनडी बॉर्डर पर ट्रैफिक पुलिस की कड़ी कार्रवाई
नोएडा। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर से राजधानी में प्रवेश करने वाले बीएस-6 से कम श्रेणी के वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। चिल्ला, कालिंदी कुंज और डीएनडी बॉर्डर पर तैनात ट्रैफिक पुलिस टीमों ने पिछले 24 घंटों के दौरान 591 वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोककर वापस भेज दिया। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले 289 वाहनों पर कुल 77 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
तीनों बॉर्डर पर विशेष टीमें तैनात
ट्रैफिक डीसीपी प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की सख्त जांच के लिए तीनों प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स पर विशेष टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और चार हेड कांस्टेबल तैनात किए गए हैं। ये टीमें वाहनों की श्रेणी, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि बीएस-6 मानकों से कम श्रेणी के वाहनों को लगातार रोका जा रहा है और उन्हें दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही। साथ ही, नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मौके पर ही चालान की कार्रवाई की जा रही है।
जाम से निपटने के लिए अलग ट्रैफिक मैनेजमेंट
डीसीपी ने बताया कि बॉर्डर पर सघन चेकिंग के कारण जाम की स्थिति न बने, इसके लिए अलग से ट्रैफिक मैनेजमेंट टीम भी तैनात की गई है। यह टीम वाहनों को सही लेन में चलाने, जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट करने और यातायात को सुचारु बनाए रखने का काम कर रही है।
24 घंटे में हुई कार्रवाई का ब्योरा
ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान विभिन्न श्रेणियों में चालान किए गए हैं—
-
बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के चल रहे वाहन: 207
-
दृश्यमान प्रदूषण फैलाने वाले वाहन: 11
-
निर्माण सामग्री बिना ढके ले जाने वाले वाहन: 71
-
बीएस-4 डीजल वाहनों पर कार्रवाई: 277
-
बीएस-3 पेट्रोल वाहनों पर कार्रवाई: 209
-
दिल्ली में एंट्री से रोके गए वाहन: 591
-
कुल वसूला गया जुर्माना: 77 लाख 50 हजार रुपये
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे दिल्ली में प्रवेश से पहले अपने वाहन की श्रेणी, प्रदूषण प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच कर लें, ताकि अनावश्यक परेशानी और जुर्माने से बचा जा सके। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करने की भी अपील की गई है।