चौबेपुर सीएचसी में बुजुर्ग तीमारदार से अभद्रता का आरोप
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कानपुर/चौबेपुर। चौबेपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुजुर्ग तीमारदार के साथ स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार को लेकर मामला सामने आया है। पत्नी के हाथ में फ्रैक्चर होने पर उपचार के लिए सीएचसी पहुंचे बुजुर्ग ने ओपीडी में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों पर बाहर से दवा मंगाने और सरकारी अस्पताल में उपचार कराने के बजाय निजी अस्पताल में दिखाने की सलाह देने का आरोप लगाया है। इसी दौरान हुई कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में एक स्वास्थ्य कर्मी बुजुर्ग से तेज आवाज में बात करता हुआ दिखाई दे रहा है। मामला सामने आने के बाद सीएचसी प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं।
पत्नी के फ्रैक्चर के इलाज के लिए पहुंचे थे सीएचसी
विशुनपुर गांव निवासी गोविंद बाजपेई अपनी पत्नी दीपा बाजपेई के हाथ में फ्रैक्चर होने के बाद उन्हें उपचार के लिए चौबेपुर सीएचसी लेकर पहुंचे थे। गोविंद बाजपेई के मुताबिक, वह सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में पत्नी का इलाज कराने की उम्मीद से आए थे। उनका आरोप है कि ओपीडी में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने उनकी पत्नी को देखने के बाद कुछ दवाएं बाहर से लाने के लिए कहा। इसके साथ ही उन्हें सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के बजाय निजी अस्पताल में उपचार कराने की सलाह भी दी गई। बुजुर्ग का कहना है कि सीएचसी में एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उनकी पत्नी का एक्स-रे कराने की जरूरत नहीं समझी गई। इसी बात को लेकर वह स्वास्थ्य कर्मियों से जवाब मांगने लगे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई।
कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
सीएचसी परिसर में बुजुर्ग और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच हो रही बातचीत के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक स्वास्थ्य कर्मी बुजुर्ग से तेज आवाज में बात करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ व्यवहार को लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम के आधार पर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट नहीं होती। बुजुर्ग द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की भी अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ उपलब्ध न होने की बात
मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. यशोवर्धन ने बताया कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ओपीडी स्टाफ की ओर से मिली जानकारी के अनुसार महिला के हाथ में फ्रैक्चर था। सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। इसी वजह से बेहतर उपचार के लिए मरीज को हैलट अस्पताल अथवा किसी अन्य उच्च चिकित्सा केंद्र में दिखाने की सलाह दी गई थी। अस्पताल की ओर से दी गई इस जानकारी के मुताबिक, मरीज को विशेषज्ञ उपचार की जरूरत को देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र जाने की सलाह दी गई थी।
जांच के बाद साफ होगी पूरे मामले की तस्वीर
फिलहाल मामले में दोनों पक्षों की अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। एक तरफ मरीज के पति ने बाहर से दवा मंगाने और निजी अस्पताल में इलाज कराने की सलाह देने का आरोप लगाया है, वहीं स्वास्थ्य केंद्र की ओर से हड्डी रोग विशेषज्ञ उपलब्ध न होने के कारण बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र जाने की सलाह दिए जाने की बात कही गई है। अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होगा कि मरीज को वास्तव में बाहर से दवा खरीदने के लिए कहा गया था या नहीं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि स्वास्थ्य कर्मी ने बुजुर्ग के साथ अभद्र व्यवहार किया था या बातचीत के दौरान केवल कहासुनी हुई थी। सीएचसी प्रशासन ने जांच शुरू कराने की बात कही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले में जिम्मेदारी तय हो सकेगी और यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो के पीछे पूरा घटनाक्रम क्या था।