बिहार विधानसभा चुनाव 2025: महिलाओं ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, पुरुषों से 8.8% अधिक मतदान, संख्या में भी आगे
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: महिलाओं ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, पुरुषों से 8.8% अधिक मतदान, संख्या में भी आगे
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महिलाओं ने इतिहास रच दिया है। राज्य ने न केवल अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया, बल्कि महिलाओं ने एक नया रिकॉर्ड भी बनाया। इस बार कुल मतदान प्रतिशत 66.91% रहा, जिसमें महिलाओं का मतदान प्रतिशत 71.6% और पुरुषों का 62.8% रहा — यानी महिलाओं ने 8.8 प्रतिशत अंकों की बढ़त बनाई, जो अब तक का सबसे बड़ा अंतर है।
आंकड़ों के अनुसार, इस बार करीब 5 लाख अधिक महिलाओं ने मतदान किया। चुनाव आयोग (EC) के विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के बाद बिहार में 3.93 करोड़ पुरुष और 3.51 करोड़ महिला मतदाता थे। लेकिन मतदान प्रतिशत के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि 2.52 करोड़ महिलाओं ने वोट डाला, जबकि 2.47 करोड़ पुरुषों ने — यानी महिलाओं ने पुरुषों को कुल संख्या में भी पीछे छोड़ दिया।
यह लगातार पांचवीं विधानसभा चुनाव है जब महिलाओं का मतदान पुरुषों से अधिक रहा। इस प्रवृत्ति की शुरुआत 2005 के चुनावों से हुई थी, जब नीतीश कुमार पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। उस समय से महिला मतदाता लगातार सक्रिय होती गईं, खासकर सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं के बाद। 2015 में यह अंतर 7.16 प्रतिशत अंक तक पहुंचा था, जो उस समय तक का रिकॉर्ड था।
दिलचस्प बात यह है कि इस बार के चुनाव SIR अभियान के बाद हुए हैं, जिसमें बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे, फिर भी उन्होंने मतदान में पुरुषों को पीछे छोड़ दिया।
बिहार में पुरुष मतदान भी धीरे-धीरे बढ़ा है, लेकिन इस बार का पुरुष मतदान प्रतिशत 62.8%, वर्ष 2000 के उच्चतम 70.71% आंकड़े से काफी नीचे रहा। 2000 में झारखंड के अलग राज्य बनने से पहले का अंतिम चुनाव हुआ था।
1962 से लेकर 2000 तक बिहार में पुरुष मतदाता हमेशा महिलाओं से आगे रहते थे। 1977 के चुनावों में तो पुरुषों की बढ़त 23.17 प्रतिशत अंक तक थी। लेकिन 1985 के बाद महिला भागीदारी लगातार बढ़ती गई और 2005 से महिलाओं ने बढ़त बना ली।
लोकसभा चुनावों में भी बिहार की महिलाएं अब पुरुषों से आगे निकल चुकी हैं। 2014 में पहली बार महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान किया था। 2019 में यह अंतर 4.68 प्रतिशत और 2024 के आम चुनाव में 6.45 प्रतिशत अंक तक पहुंच गया — जो अब तक का सबसे बड़ा अंतर है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी महिलाएं अब मतदान में पुरुषों के बराबर या उनसे थोड़ी आगे हैं। 2019 में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 67.2% था जबकि पुरुषों का 67.02%, और 2024 में यह अंतर बढ़कर 0.25 प्रतिशत अंक तक पहुंच गया।