BIHAR: TRE 4.0 में देरी पर उबाल: वादे बनाम इंतजार, सड़कों पर उतरे शिक्षक अभ्यर्थी
भर्ती प्रक्रिया में देरी से उनकी उम्र, तैयारी और करियर तीनों प्रभावित हो रहे हैं
The Mediawali
बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 4.0 को लेकर एक बार फिर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। राजधानी पटना के कॉलेज परिसर में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि लंबे समय से परीक्षा का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अब तक तारीख घोषित नहीं होने से युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि Bihar Public Service Commission (BPSC) की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। जबकि Nitish Kumar पहले ही TRE 4.0 को जल्द कराने की बात कह चुके हैं। ऐसे में देरी ने सरकार और आयोग के बीच समन्वय पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रदर्शन क्यों बना बड़ा मुद्दा?
इस विरोध प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल हुईं। “हमें हमारा हक दो” जैसे नारों के साथ अभ्यर्थियों ने साफ संकेत दिया कि अब वे सिर्फ इंतजार करने के मूड में नहीं हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी से उनकी उम्र, तैयारी और करियर—तीनों प्रभावित हो रहे हैं।
सिस्टम पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने प्रशासनिक प्रक्रिया की धीमी रफ्तार को भी उजागर किया है। एक तरफ सरकार तेजी से भर्ती का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा की तारीख तय नहीं हो पा रही। इससे युवाओं के बीच अविश्वास बढ़ रहा है। छात्र नेताओं का आरोप है कि अगर शीर्ष स्तर पर फैसले हो चुके हैं, तो फिर देरी किस स्तर पर हो रही है, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
आगे क्या?
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पटना कॉलेज से BPSC कार्यालय तक मार्च की योजना भी इसी दबाव की रणनीति का हिस्सा है।
यह मुद्दा अब सिर्फ एक परीक्षा की तारीख तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह युवाओं के भरोसे और सरकारी वादों की विश्वसनीयता से जुड़ा सवाल बनता जा रहा है।