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बिहार में पुलिस की शर्मनाक हरकत: छापेमारी में बरामद 15 लाख में से 3 लाख गायब, चार सिपाही गिरफ्तार

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बिहार के पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठगी की रकम बरामद करने गई पुलिस टीम ने ही बरामद राशि में से 3 लाख रुपये गायब कर दिए। घटना ने पूरे विभाग को हिलाकर रख दिया है और संबंधित चार सिपाही अब जेल में हैं।

यह मामला गोविंदगंज थाना क्षेत्र के रढ़िया गांव से शुरू हुआ, जहां यूपी के व्यवसायी मोहनजी गुप्ता से कम दाम में सोना देने का झांसा देकर 19 लाख रुपये की ठगी की गई। FIR दर्ज होने पर पुलिस ने मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र में छापेमारी की।

छापेमारी में बरामद हुए 15 लाख, लेकिन गिनती में निकले सिर्फ 12 लाख

पुलिस टीम ने साहेबगंज स्थित चंदन सिंह के घर से 15 लाख रुपये नकद, सोने जैसे दिखने वाले 10 बिस्किट, और एक सोने की चेन जब्त की। साथ ही उसकी भाभी नेहा देवी को भी गिरफ्तार किया।

बड़ी रिकवरी देखकर सिपाहियों का मन डगमगा गया। उन्होंने बरामद रकम में से 3 लाख रुपये पुलिस जीप के मैट के नीचे छिपा दिए, यह सोचकर कि चोरी पकड़ी नहीं जाएगी।

लेकिन जब गिरफ्तार महिला नेहा देवी ने अधिकारियों को बताया कि घर से मिले बैग में पूरे 15 लाख रुपये थे, तो गिनती के दौरान केवल 12 लाख ही निकले। यहीं से पुलिस पर पुलिस की चोरी की परतें खुलनी शुरू हुईं।

चार सिपाही बेनकाब जीप में मिले चोरी किए रुपये

जांच के दौरान पुलिस जीप की तलाशी ली गई, जिसमें मैट के नीचे वही गायब 3 लाख रुपये मिल गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सिपाही संतोष कुमार, गौतम कुमार यादव, कृष्ण कुमार और ओमप्रकाश ने इस कृत्य को अंजाम दिया था।

गोविंदगंज थानाध्यक्ष ने इन चारों के खिलाफ साहेबगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
इसके बाद:

  • चारों सिपाही गिरफ्तार हुए

  • तत्काल निलंबित किए गए

  • पूरे मामले की जांच उच्च स्तर पर जारी है

वरिष्ठ अधिकारी भी सख्त, गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश

अरेराज के SDPO रवि कुमार ने बताया कि ठगी के मामले में पहले सुरेंद्र दास को गिरफ्तार किया गया था, जिसकी जानकारी के आधार पर चंदन सिंह और उसके साथी अनिल यादव के घर पर छापेमारी की गई।

गिरफ्तार महिला से अब गिरोह के मास्टरमाइंड, ठगी के नेटवर्क और बाकी राशि के बारे में पूछताछ की जा रही है।
मुजफ्फरपुर से बरामद सोने जैसे बिस्किट की भी जांच कराई जा रही है कि वे असली सोना हैं या नकली।

पुलिस की साख पर लगा कलंक

पूर्वी चंपारण के प्रभारी पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने कहा कि यह घटना पुलिस की छवि के लिए गंभीर है और दोषी किसी भी कीमत पर नहीं बचेंगे।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि ठगी के मुख्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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