भीटी हवेली के खेतों में उग रही तरक्की की नई कहानी
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कानपुर नगर। बिल्हौर तहसील का छोटा सा गांव भीटी हवेली अब उन्नत खेती का मॉडल बनकर उभर रहा है। यहां किसान परंपरागत खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाते हुए मक्का, सब्जियों और फूलों की खेती कर रहे हैं। इससे कम जमीन में अधिक उत्पादन और बेहतर आय का रास्ता खुला है।
डीएम ने किया निरीक्षण, किसानों की सराहना
सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गांव का निरीक्षण कर मल्टी लेयर फार्मिंग के मॉडल को देखा। उन्होंने किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे पूरे जनपद के लिए प्रेरणादायक बताया। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
पारंपरिक फसलों से बदली दिशा
गांव में 453 कृषक 225 हेक्टेयर भूमि पर खेती कर रहे हैं। इनमें से 375 किसान करीब 175 हेक्टेयर में जायद मक्का उगा रहे हैं। गेहूं-धान का दायरा घटा है, जबकि मक्का, सब्जी और फूलों की खेती से आय बढ़ी है।
मल्टी लेयर फार्मिंग से बढ़ी आमदनी
करीब 50 किसान 50 हेक्टेयर में मल्टी लेयर फार्मिंग अपना चुके हैं। इस तकनीक में एक ही खेत में अलग-अलग स्तर पर कई फसलें उगाई जाती हैं। प्रगतिशील किसान सुनील सिंह कटियार के खेत में परवल, कुंदरू, बैंगन और फूलों की एक साथ खेती इसका उदाहरण है।
प्रगतिशील किसान बने मिसाल
सुनील सिंह कटियार को अधिक मक्का उत्पादन के लिए कृषि मंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर भी स्थापित किया है, जिससे आसपास के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की सुविधा मिल रही है।
तीन से चार गुना तक बढ़ रही आय
जिलाधिकारी के अनुसार इस खेती में प्रति हेक्टेयर लागत डेढ़ से दो लाख रुपये है, जबकि आय आठ से दस लाख रुपये तक पहुंच रही है। यह पारंपरिक खेती से कई गुना अधिक है।
अन्य किसानों को जोड़ने के निर्देश
डीएम ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे प्रगतिशील किसानों के अनुभव अन्य किसानों तक पहुंचाए जाएं। साथ ही जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।