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अब बिना वजह बताए गिरफ्तारी पड़ी भारी, यूपी पुलिस को DGP का सख्त आदेश

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Mediawali news, Noida

यूपी में अब पुलिस किसी आरोपी को सिर्फ एफआईआर नंबर और धाराएं लिखकर गिरफ्तार नहीं कर सकेगी। गिरफ्तारी क्यों की गई, आरोपी पर क्या आरोप हैं और पुलिस को उसे पकड़ने की जरूरत क्यों पड़ी, यह सब अब गिरफ्तारी मेमो में साफ-साफ लिखना अनिवार्य होगा। डीजीपी मुख्यालय ने प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश का पालन न करने पर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी हो सकती है।

दरअसल, हाल के महीनों में इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में यूपी पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी। अदालतों ने पाया कि कई गिरफ्तारी मेमो में गिरफ्तारी का आधार वाला कॉलम खाली छोड़ दिया गया था या उसमें सिर्फ एफआईआर नंबर और धाराएं लिख दी गई थीं। कोर्ट ने इसे आरोपी के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन माना।

डीजीपी मुख्यालय ने अब साफ कर दिया है कि गिरफ्तारी मेमो और तलाशी मेमो में पूरी और सही जानकारी भरना जरूरी होगा। पुलिस को यह लिखना पड़ेगा कि आरोपी को किस आधार पर गिरफ्तार किया गया, उसके खिलाफ क्या साक्ष्य हैं और गिरफ्तारी की तत्काल जरूरत क्यों पड़ी। सिर्फ मुकदमा दर्ज है लिखना पर्याप्त नहीं माना जाएगा।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22 और बीएनएसएस का जिक्र

असल में यह पूरा मामला आरोपी के कानूनी और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22 और बीएनएसएस के प्रावधानों के तहत किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति को यह बताना जरूरी है कि उसे क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले में कहा था कि गिरफ्तारी की वजह बताना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि व्यक्ति की आजादी से जुड़ा मूल अधिकार है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर गिरफ्तारी का आधार सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया तो गिरफ्तारी अवैध मानी जा सकती है।

हाईकोर्ट ने यूपी डीसीपी को दिए आदेश 

हाईकोर्ट ने यूपी डीजीपी को ऐसे मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश भी दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि जिन पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी मेमो में कारण नहीं लिखा, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई और सस्पेंशन तक किया जा सकता है। ([The Indian Express][2])

पुलिस मुख्यालय का मानना है कि नए निर्देशों से फर्जी गिरफ्तारी, गलत कार्रवाई और कानूनी विवादों पर रोक लगेगी। साथ ही अदालतों में पुलिस की कार्रवाई मजबूत होगी और आरोपी के अधिकारों का भी संरक्षण हो सकेगा। अब सभी जिलों के एसएसपी, एसपी और थाना प्रभारियों को इन आदेशों का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है।

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