आईपीओ और ट्रेडिंग के नाम पर महिला से 62 लाख रुपए ठगे
फर्जी ट्रेनिंग देने के बाद कई बार में रकम ट्रांसफर कराई गई
Mediawali news, नोएडा
शेयर बाजार में निवेश के जरिए रातों-रात अमीर बनने का सपना नोएडा के सेक्टर-27 निवासी एक महिला के लिए दुस्वप्न बन गया। शातिर साइबर जालसाजों ने आईपीओ (IPO) और ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर महिला से करीब 62 लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता की शिकायत पर नोएडा के थाना साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उन बैंक खातों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।
पीड़िता प्रीति झा ने पुलिस को बताया कि उन्हें मार्क सिक्योरिटीज नामक एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप के संचालक ने खुद को डॉ. राजीव सिंह बताया और दावा किया कि उनके सुझावों पर आईपीओ में निवेश करने से कम समय में बहुत अधिक मुनाफा होगा। आरोपियों ने पहले पीड़िता का विश्वास जीता और उन्हें छोटे निवेश पर कुछ राशि निकालने की सुविधा भी दी। भरोसा बढ़ने पर महिला ने बड़ी रकम का निवेश करना शुरू कर दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 3 मार्च से 28 मार्च 2026 के बीच पीड़िता ने विभिन्न बैंक खातों में कुल 62 लाख रुपये जमा किए। ये ट्रांजेक्शन एचडीएफसी बैंक, बंधन बैंक, इंडसइंड बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और आईडीबीआई बैंक के अलग-अलग खातों में किए गए। निवेश की सीमा बढ़ने के बाद जब प्रीति ने अपना पैसा निकालने का प्रयास किया, तो ठगों ने टालमटोल शुरू कर दी।
आरोपियों ने उल्टे पीड़िता पर और अधिक पैसा जमा करने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर उनके खाते फ्रीज करने की धमकी दी। पीड़िता के अनुसार, इसी दौरान कुछ अन्य व्यक्तियों ने उन्हें ईजी शेयर नामक प्लेटफॉर्म पर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग का झांसा दिया। इसके लिए उनसे 4.28 लाख रुपये फीस ली गई और ट्रेडिंग के नाम पर लगभग 18.5 लाख रुपये का अतिरिक्त नुकसान कराया गया। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन, चैट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। साइबर पुलिस ने अपील की है कि किसी भी व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप पर मिलने वाले निवेश के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। असामान्य और गारंटीड रिटर्न का वादा अक्सर ठगी का जाल होता है। किसी भी प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता की जांच जरूर करें। ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।