2026 से पूरी तरह बिजली से दौड़ेंगी ट्रेनें, भारतीय रेलवे कार्बन-फ्री भविष्य की ओर

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2025 रहा ऐतिहासिक, 2026 में बदलेगा रेल यात्रा का पूरा अनुभव

नई दिल्ली, जागरण प्राइम।
भारतीय रेलवे के लिए वर्ष 2025 ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा है। इस साल रेलवे ने न केवल देश के दूर-दराज इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ा, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक, हरित ऊर्जा और तेज रफ्तार ट्रेनों की दिशा में भी बड़ी छलांग लगाई। कश्मीर को रेल मार्ग से जोड़ने से लेकर मिजोरम तक रेल लाइन पहुंचाने तक, 2025 में कई रिकॉर्ड बने। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 भारतीय रेलवे को पूरी तरह नए युग में ले जाने वाला साल साबित होगा।

पूरी तरह विद्युतीकृत होगा भारतीय रेल नेटवर्क

भारतीय रेलवे 2026 में दुनिया की पहली ऐसी रेलवे बनने जा रही है, जिसका पूरे ब्रॉडगेज नेटवर्क पर 100 प्रतिशत विद्युतीकरण होगा। फिलहाल रेलवे का 99.2 प्रतिशत ब्रॉडगेज नेटवर्क इलेक्ट्रिक हो चुका है। शेष हिस्सों पर काम तेजी से जारी है। तुलना करें तो ब्रिटेन का रेल नेटवर्क केवल 39 प्रतिशत, रूस का 52 प्रतिशत और चीन का करीब 82 प्रतिशत ही विद्युतीकृत है।

रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य विजय दत्त के अनुसार, फरवरी 1925 में मुंबई-कुर्ला के बीच पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चली थी। अब 100 साल बाद भारत पूरी तरह इलेक्ट्रिक रेल नेटवर्क वाला पहला देश बनने जा रहा है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक रेलवे को कार्बन उत्सर्जन मुक्त बनाना है, जिसे भारत इससे पहले ही हासिल कर सकता है।

सौर ऊर्जा से चल रहे हजारों स्टेशन

भारतीय रेलवे ने देशभर में 2,626 रेलवे स्टेशनों को सौर ऊर्जा से संचालित करना शुरू कर दिया है। रेलवे ने 898 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की है, जिसमें से लगभग 70 प्रतिशत ऊर्जा ट्रेनों के संचालन में उपयोग की जा रही है। इससे न केवल बिजली खर्च घटा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिली है।

वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों से बदला सफर

भारतीय रेलवे ने बीते वर्षों में वंदे भारत ट्रेनों के जरिए सेमी हाई-स्पीड यात्रा को आम यात्रियों तक पहुंचाया है। 26 दिसंबर 2025 तक देशभर में 164 वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं। सिर्फ 2025 में 15 नई वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू हुईं। अब 2026 में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू होने जा रही हैं, जो लंबी दूरी की यात्रा को पूरी तरह बदल देंगी।

इसके अलावा, अमृत भारत ट्रेनों के जरिए नॉन-एसी यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। फिलहाल 30 अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं, जिनमें 12 स्लीपर और 8 जनरल कोच होते हैं।

नमो भारत रैपिड रेल से बढ़ा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी

नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं कम और मध्यम दूरी के यात्रियों के लिए शुरू की गई हैं। फिलहाल भुज-अहमदाबाद और जयनगर-पटना के बीच ये सेवाएं संचालित हो रही हैं, जिससे क्षेत्रीय आवागमन काफी आसान हुआ है।

रेल नेटवर्क विस्तार और तेज रफ्तार पर फोकस

2025 में रेलवे ने 900 किलोमीटर से अधिक नई रेल लाइनों की शुरुआत की। साथ ही, ट्रैक अपग्रेडेशन के जरिए कई मार्गों पर ट्रेनों की गति 130 किमी प्रति घंटा तक बढ़ाई गई। 4,069 किलोमीटर ट्रैक पर 110 किमी प्रति घंटे की स्पीड हासिल की गई है, जिससे यात्रा और अधिक सुरक्षित व तेज बनी है।

आधार आधारित टिकट बुकिंग से कालाबाजारी पर लगाम

रेलवे ने तत्काल टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए आधार सत्यापन को अनिवार्य किया है। रिजर्वेशन खुलने के पहले 15 मिनट तक केवल आधार-सत्यापित यात्रियों को टिकट बुक करने की अनुमति दी जा रही है। आईआरसीटीसी ने 5.73 करोड़ संदिग्ध और निष्क्रिय खातों को अस्थायी रूप से निलंबित भी किया है।

माल ढुलाई और डीएफसी से बढ़ेगी क्षमता

भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई बढ़ाने के लिए तीन आर्थिक गलियारे विकसित किए हैं। इसके अलावा, ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के जरिए माल परिवहन को तेज और कुशल बनाया गया है। इससे यात्री ट्रेनों के लिए भी अधिक ट्रैक उपलब्ध हो रहे हैं।

कुल मिलाकर, 2026 भारतीय रेलवे के लिए हरित, तेज और आधुनिक भविष्य की शुरुआत साबित होने जा रहा है, जहां सफर न सिर्फ तेज होगा, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी होगा।

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