वर्कशॉप में सुरक्षा गार्ड की संदिग्ध मौत — 10 महीने बाद दर्ज हुआ हत्या का केस
परिजनों ने लगाया पुलिस और वर्कशॉप प्रबंधन पर मामले को दबाने का आरोप
17 जनवरी की रात ड्यूटी पर गया था गार्ड, अगली सुबह मिला शव
सेक्टर-10 स्थित एक मल्टी ब्रांड कार वर्कशॉप में काम करने वाले सुरक्षा गार्ड की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
घटना के करीब 10 महीने बाद फेज-1 थाने की पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर वर्कशॉप मालिक, मैनेजर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई, लेकिन पुलिस और वर्कशॉप प्रबंधन ने मिलकर इसे बीमारी से हुई मौत बताकर दबा दिया।
शव पर थे चोटों के निशान, टूटी मिली टेबल का शीशा
मृतक की पहचान अमरेन्द्र कुमार अमर, निवासी भागलपुर (बिहार) के रूप में हुई है।
उसके पिता हितलाल दास ने बताया कि उनका बेटा सेक्टर-10 स्थित पूर्वी ऑटो वर्क्स मल्टी ब्रांड कार वर्कशॉप में सुरक्षा गार्ड था।
17 जनवरी 2025 की रात वह ड्यूटी पर गया था, लेकिन अगले दिन सुबह उसकी वर्कशॉप के अंदर मौत की सूचना मिली।
परिवार के अनुसार, जब वे मौके पर पहुंचे तो शव के सिर और शरीर पर कई चोटों के निशान थे और जिस टेबल पर शव रखा था उसका शीशा टूटा हुआ था।
इन परिस्थितियों को देखकर परिवार को शक हुआ कि यह हमले या झगड़े का परिणाम है।
पोस्टमार्टम में सेप्टीसीमिया से मौत बताई गई, परिवार ने उठाए सवाल
परिजनों का आरोप है कि वर्कशॉप प्रबंधन और पुलिस ने मिलकर इस मामले को दबा दिया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सेप्टीसीमिया (संक्रमण) को मौत का कारण बताया गया।
पिता का कहना है कि अमरेन्द्र को कोई बीमारी नहीं थी, फिर संक्रमण से मौत कैसे हो सकती है?
सबसे गंभीर आरोप यह है कि पुलिस और वर्कशॉप मैनेजर ने शव का अंतिम संस्कार खुद कर दिया, जिससे परिवार अपने बेटे का धार्मिक रीति से संस्कार भी नहीं कर सका।
मुआवजे का लालच, फिर धमकियां और चुप्पी
हितलाल दास का कहना है कि घटना के बाद वर्कशॉप मालिक और पुलिस ने उन्हें मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने रुपये देने से इनकार कर दिया और धमकियां दीं।
परिवार ने कई बार थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
आखिरकार, उन्होंने पुलिस आयुक्त, मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग और डीजीपी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई।
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस ने अब मामला दर्ज किया है।
अब शुरू हुई जांच, आरोपी जल्द घेरे में आने की संभावना
फेज-1 थाने की पुलिस ने अब वर्कशॉप मालिक, मैनेजर और कुछ कर्मचारियों के खिलाफ हत्या व साजिश की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जल्द ही आरोपियों से पूछताछ शुरू होगी और मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वर्कशॉप सीसीटीवी फुटेज को दोबारा जांचा जाएगा।
परिवार का कहना है कि अब उन्हें बस न्याय चाहिए — “हमारे बेटे की हत्या हुई है, अब सच सामने आना चाहिए।”