विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर ‘मानक टॉकीज’ का आयोजन, महिलाओं को किया गया जागरूक
Mediawali news, Noida
नोएडा में World Consumer Rights Day के अवसर पर IMS Noida के सामुदायिक रेडियो सलाम नमस्ते द्वारा ‘मानक टॉकीज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, सुरक्षित उत्पादों और गुणवत्ता मानकों के प्रति जागरूक करना है।
रेडियो सलाम नमस्ते इस अभियान को 12 मार्च से 31 मार्च तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से संचालित करेगा। इस दौरान पॉडकास्ट, सामुदायिक सहभागिता और जन-जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर एके चिल्ड्रन’स एकेडमी की प्रधानाचार्या श्वेता राय, आर्ट शिक्षिका पूनम नारायण, श्री आदि शक्ति स्वयंसेवी संगठन की निर्देशिका वंदना भटनागर सहित कई वरिष्ठ महिला नागरिक और युवा महिलाएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने उपभोक्ता जागरूकता, सुरक्षित उत्पादों के उपयोग और गुणवत्ता मानकों के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
इस वर्ष की थीम: सुरक्षित उत्पाद और आश्वस्त उपभोक्ता
सलाम नमस्ते की स्टेशन हेड वर्षा छबारिया ने बताया कि इस वर्ष विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की थीम “सुरक्षित उत्पाद और आश्वस्त उपभोक्ता” है।
उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘मानक टॉकीज’ अभियान के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक उपभोक्ता अधिकारों और भारतीय गुणवत्ता मानकों की जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
भारतीय मानक ब्यूरो के साथ जागरूकता पहल
कार्यक्रम के दौरान Bureau of Indian Standards की नोएडा शाखा के सहयोग से महिलाओं को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई।
इस दौरान उन्हें निम्न विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया:
सुरक्षित और प्रमाणित उत्पादों का चयन
गुणवत्ता मानकों का महत्व
उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी
घरेलू उपयोग की वस्तुओं में सुरक्षा मानकों का पालन
महिलाओं की जागरूकता से बढ़ेगी परिवार की सुरक्षा
प्रधानाचार्या श्वेता राय ने कहा कि महिलाओं को अपने परिवार और समाज की सुरक्षा के लिए उत्पादों की गुणवत्ता और मानकों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। यदि महिलाएं जागरूक होंगी तो वे अपने घर और बच्चों के लिए सुरक्षित उत्पादों का चयन कर सकेंगी और दूसरों को भी जागरूक कर पाएंगी।
वहीं वंदना भटनागर ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें उपभोक्ता अधिकारों, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के बारे में शिक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो की यह पहल महिलाओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।