विभाग सख्त, स्कूल ढीले; अनफिट बसों पर भेजे गए नोटिस
सुरक्षा पर भारी लापरवाही उजागर
जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर और चिंताजनक लापरवाही सामने आई है। नोएडा में संचालित करीब 2005 स्कूली बसों में से 28 बसें लंबे समय से अनफिट पाई गई हैं। इसके बावजूद इन बसों से रोजाना बच्चों को स्कूल लाया–ले जाया जा रहा है। यह स्थिति सीधे तौर पर बच्चों की जान से खिलवाड़ मानी जा रही है।
हादसे का इंतजार कर रहे स्कूल?
स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो कुछ स्कूल किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हों। अनफिट बसों में तकनीकी खामियां हैं, जो कभी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। इन बसों से सफर कर रहे बच्चे हर दिन खतरे में हैं, जबकि अभिभावक यह मानकर निश्चिंत रहते हैं कि उनका बच्चा सुरक्षित स्कूल पहुंच रहा है।
परिवहन विभाग की सख्ती
मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन विभाग ने अनफिट बसें चलाने वाले स्कूलों को नोटिस जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूली बसों की नियमित फिटनेस जांच कराना अनिवार्य है। यदि तय समय में फिटनेस नहीं कराई जाती है तो संबंधित बसों का पंजीकरण निरस्त करने या सीज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
सड़कों पर दिखीं तो होगा एक्शन
परिवहन विभाग का कहना है कि यदि अभियान के दौरान कोई अनफिट स्कूली बस सड़कों पर चलती पाई गई, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभिभावकों में गुस्सा और चिंता
इस मामले को लेकर अभिभावकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि स्कूल मोटी फीस वसूलते हैं, लेकिन जब बच्चों की सुरक्षा की बात आती है तो लापरवाही बरती जाती है। हाल ही में युवराज की मौत के मामले के बाद से अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी स्कूली बसों की सघन जांच कर अनफिट बसों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
अधिकारी का बयान
“जो स्कूली बसें अनफिट पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर जल्द से जल्द फिटनेस जांच के निर्देश दिए गए हैं। अभियान चलाकर अनफिट वाहनों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जा रही है।”
— डॉ. उदित नारायण पांडेय, एआरटीओ (प्रवर्तन), गौतमबुद्ध नगर