प्राधिकरण के खिलाफ किसानों का गुस्सा: भ्रष्टाचार और लंबित मामलों पर खैरपुर में संघर्ष समिति की बैठक
खैरपुर गांव में किसानों की आपात बैठक
प्राधिकरण में किसानों की समस्याओं और बढ़ते भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर किसान संघर्ष समिति ने खैरपुर गांव में बैठक आयोजित की। बैठक में किसानों ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि उनके जरूरी कार्य लंबे समय से लंबित पड़े हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
सीईओ के ऑफिस में न मिलने का आरोप
बैठक में मुख्य रूप से प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी के कार्यालय में उपलब्ध न रहने का मुद्दा उठाया गया। किसानों का आरोप है कि सीईओ के ऑफिस में न मिलने से अन्य अधिकारी भी ज्यादातर समय अनुपस्थित रहते हैं। यदि कोई अधिकारी मिलता भी है तो वह लीजबैक, लंबित आबादियों का निस्तारण, 10% प्लॉट, पात्रता निर्धारण जैसे मामलों पर ठोस जवाब नहीं देता।
फाइलों में देरी और प्लॉट निरस्तीकरण पर नाराज़गी
किसानों ने आरोप लगाया कि एक दिन में होने वाले कार्य को महीनों और साल भर तक लटकाया जाता है। वहीं जिन प्लॉटों का पूर्व में आवंटन हो चुका है, उनकी भी जांच बैठाकर अपात्र घोषित कर निरस्त किया जा रहा है। म्यूटेशन समेत अन्य जरूरी कार्य भी समय पर नहीं किए जा रहे। किसानों का कहना है कि जिन फाइलों को आगे बढ़ाना होता है, उन्हें अधिकारी आवास पर जाकर पास करा लेते हैं, जबकि बाकी फाइलें रोक दी जाती हैं।
पारदर्शिता और नीति के अभाव का आरोप
समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने कहा कि प्राधिकरण में किसानों के मामलों में न पारदर्शिता है और न स्पष्ट नीति। इस कारण भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि कई बार पत्र लिखकर अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ।
सीईओ आवास पर पहुंचने की चेतावनी
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान 30 जनवरी को गामा स्थित सीईओ के आवास पर पहुंचकर अपनी बात रखेंगे।
बैठक में भगवत सिंह भाटी, अजब सिंह प्रधान, राजवीर सदस्य, प्रवीण कासना, रामी प्रधान, विजेंद्र प्रधान, बलराज प्रधान, रवि प्रधान, ओमबीर नेताजी, भीम सिंह, विकास नागर, कपिल खारी, जगदीश खारी, पप्पू भाटी सहित कई किसान मौजूद रहे।