Noida: साड़ियों में छिपा मंगाते थे गांजा, BSC-LLB के दो छात्र अरेस्ट
दिल्ली-NCR में करते थे सप्लाई, नोएडा के सेक्टर 17 से पकड़े गए
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अयोध्या के विवि से कर रहे थे पढ़ाई,
37 किलो गांजा बरामद, इसकी कीमत 25 लाख रुपये बताई जा रही
दिल्ली के मयूर विहार फेज 2 में किराये पर रहते थे
आरोपी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के रास्ते गांजा मंगाते थे
ये लोग अक्सर अधूरे या फर्जी पते पर पार्सल मंगवाते
कोरियर कंपनी से संपर्क कर बीच रास्ते में पार्सल ले लेते थ
Mediawali news, Noida
प्रभू राम की भूमी अयोध्या के निजी विश्वविद्यालय से ग्रैजुएशन कर रहे दो छात्रों को नोएडा सेक्टर-20 थाना पुलिस और एसओजी टीम ने गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से करीब 37 किलो गांजा मिला है। इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 25 लाख रुपये बताई गई है। आरोपी बीएससी और एलएलबी के स्टूडेंट हैं और नोएडा में बाइक टैक्सी चलाते थे। दोनों मौसेरे भाई हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों दो-ढाई साल से गांजा सप्लाई में लगे थे। पुलिस ने इन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपी शुभम पाठक (24) और शिवम दुबे (24) अयोध्या के रहने वाले हैं। फिलहाल दिल्ली के मयूर विहार फेज-2 इलाके में रह रहे थे। दोनों को नोएडा के सेक्टर-17 से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन शुभम पाठक कर रहा था। वह करीब तीन साल से गांजा तस्करी में शामिल था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के रास्ते गांजा मंगाते थे। गांजे को साड़ियों की पैकिंग में छिपाकर कोरियर कंपनियों के जरिये नोएडा और दिल्ली-एनसीआर में भेजा जाता था। आरोपी अक्सर अधूरे या फर्जी पते पर पार्सल मंगवाते। पार्सल पहुंचने से पहले ही कोरियर कंपनी से संपर्क कर बीच रास्ते से उसे ले लेते। पुलिस को मौके से 39 साड़ियां भी मिली हैं, जिनका इस्तेमाल गांजा छिपाने के लिए किया जाता था।
ऑन डिमांड करते थे सप्लाई
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी होटल, निजी यूनिवर्सिटी, हॉस्टल और झुग्गी-झोपड़ी में गांजे की सप्लाई करते थे। पुलिस का कहना है कि ये लोग डिमांड के हिसाब से तुरंत सप्लाई भेज देते थे। युवाओं के बीच इसकी ज्यादा मांग होने के कारण उन्हें अच्छा मुनाफा मिलता था। पुलिस का कहना है कि बरामद गांजा सामान्य गांजे की तुलना में अधिक नशे वाला है और इसकी बाजार में कीमत भी काफी ज्यादा है। आरोपी शुभम पाठक के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसी धाराओं के केस शामिल हैं। वहीं शिवम दुबे के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
बिहार से फोन पर चल रहा तस्करी का नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में शुभम ने बताया कि मुख्य सरगना बिहार में रहता है। वह फोन पर गांजा ऑर्डर करता है। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर में इसे भेजा जाता हैं। उसका काम यहां से अन्य जिलों में गांजा पहुंचाने का था। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने गांजे की तस्करी के लिए कई वॉट्सऐप ग्रुप भी बना रखे थे। पुलिस इन ग्रुपों के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही आरोपियों की चल और अचल संपत्ति का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर गैंगस्टर ऐक्ट के तहत कुर्की की कार्रवाई भी की जा सके। साथ ही यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़े हैं और अब तक कितने गांजे की सप्लाई की जा चुकी है।
पुलिस से बचने को लगातार माल नहीं मंगाते
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी का मौसेरा भाई शिवम दूबे अयोध्या में रहता है। जब गांजे की बड़ी खेप नोएडा आती है तो वह यहां आ जाता है। दोनों मिलकर पार्सल उठाने के बाद उसे सप्लाई करते हैं। शिवम सहयोगी के तौर पर गाड़ी ड्राइवर बनता है। साथ ही रुपयों का कलेक्शन वहीं संभालता है। ये लोग पुलिस से बचने के लिए लगातार गांजा नहीं मंगाते। बीच में कुछ दिनों के लिए गायब हो जाते हैं। बिहार से सरगना गांजा ऑर्डर करने के बाद दोनों को सप्लाई लेने और दूसरी जगह भेजने में लगाता है। इस पूरे नेटवर्क में एक शख्स बिचौलिया की तरह काम करता है, पुलिस उसकी तलाश में लगी है।