नोएडा में अवैध बस संचालन पर बड़ी कार्रवाई: 50 में से 42 बसें सीज, 15 लाख का जुर्माना
यात्रियों की सुरक्षा के लिए तड़के चला विशेष अभियान
नोएडा में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने गुरुवार तड़के बड़ा चेकिंग अभियान चलाया। सुबह करीब चार बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में रात के समय अवैध रूप से संचालित हो रही बसों को निशाना बनाया गया। जांच के दौरान पता चला कि कई बसें दूसरे राज्यों से बिना वैध अनुमति नोएडा में प्रवेश कर यात्रियों को ढो रही थीं।
यमुना एक्सप्रेसवे पर सघन चेकिंग
परिवहन विभाग की टीम ने यमुना एक्सप्रेसवे पर विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान कुल 50 बसों की जांच की गई। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अनेक बसों के पास फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं था, जबकि कई बसें बिना वैध परमिट के निर्धारित रूट पर संचालित हो रही थीं। कुछ बस संचालकों द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार को टैक्स भी जमा नहीं किया गया था।
ओवरलोड बसों में ठूंस-ठूंस कर भरे यात्री
अभियान के दौरान यह भी पाया गया कि कई बसें क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर चल रही थीं। 40 सीटों वाली बसों में 50 से ज्यादा यात्रियों को बैठाया गया था। घने कोहरे और रात के समय इस तरह ओवरलोड बसों का संचालन यात्रियों की जान के लिए गंभीर खतरा माना गया। विभाग ने इसे बड़ी लापरवाही बताते हुए सख्त कदम उठाए।
42 बसें सीज, लाखों का जुर्माना
कार्रवाई के दौरान 50 में से 42 बसों को सीज कर दिया गया, जबकि शेष बसों पर चालान किया गया। परिवहन विभाग ने कुल मिलाकर करीब 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एआरटीओ (प्रशासन) नंद कुमार ने बताया कि अवैध और ओवरलोड बसों से दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ये बसें नोएडा के रास्ते उत्तराखंड, जयपुर, आगरा सहित लंबी दूरी के शहरों तक यात्रियों को ले जा रही थीं।
सीज बसें मोरना और कासना डिपो में खड़ी
सीज की गई बसों में से 29 को मोरना डिपो और 13 बसों को कासना डिपो में खड़ा कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश बसें रात के समय ही संचालित होती थीं ताकि विभागीय निगरानी से बच सकें।
आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
आरटीओ डॉ. सियाराम वर्मा ने कहा कि परिवहन विभाग आगे भी इस तरह के अभियान जारी रखेगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे केवल वैध और पंजीकृत बसों में ही यात्रा करें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पहले भी ऐसी लापरवाही के कारण कई बड़े हादसे हो चुके हैं, इसलिए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।