डीएल टेस्ट में 45 सेकेंड की सीमा बनी शहरवासियों के लिए सिरदर्द, विभाग ने मांगा अधिक समय
नोएडा। शहरवासियों के लिए स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाना अब आसान नहीं रहा है। परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित 45-45 सेकेंड के चार स्टेप वाले टेस्ट को पास करना लोगों के लिए चुनौती बन गया है। महज 45 सेकेंड में वाहन मोड़ना, ब्रेक लगाना, गियर बदलना और सिग्नल के अनुसार वाहन नियंत्रित करना कई बार अभ्यर्थियों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। नतीजतन, बड़ी संख्या में लोग टेस्ट में फेल हो रहे हैं।
गौतमबुद्ध नगर जिले में वर्तमान में केवल दो ड्राइविंग ट्रेनिंग व टेस्टिंग सेंटर कार्यरत हैं—एक बिसहड़ा और दूसरा दादरी में। दोनों सेंटर नोएडा शहर से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर हैं, जिससे आवेदकों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। साथ ही, कम समय में टेस्ट पूरा करने का दबाव भी बढ़ जाता है। परिवहन विभाग ने इस समस्या को ध्यान में रखते हुए परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर समय सीमा बढ़ाने की मांग की है।
दिल्ली में डीएल टेस्ट के लिए 80 सेकेंड का समय दिया जाता है, जबकि यूपी में यह मात्र 45 सेकेंड है। विभाग ने इसे बढ़ाकर 90 या 100 सेकेंड करने का सुझाव दिया है।
सोशल मीडिया पर भी रिश्वत लेकर पास कराने के आरोपों वाले वीडियो सामने आए हैं, जिससे टेस्ट प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। वहीं अभ्यर्थियों ने भी समय की कमी और दूरी को मुख्य कारण बताया है।
उप संभागीय परिवहन अधिकारी नन्द कुमार ने कहा कि “डीएल टेस्ट के दौरान दिल्ली की तर्ज पर नोएडा में समय को दोगुना बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है, विशेषकर महिलाओं के लिए अधिक समय देने की मांग भी की गई है।”