80 गांवों की जमीन पर बसने जा रहा ‘नया नोएडा’, उद्योग और रोजगार का बनेगा बड़ा केंद्र
UP सरकार की बड़ी योजना: अबु धाबी मॉडल पर विकसित होगा नया नोएडा
Mediawali news, noida
उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही ‘नया नोएडा’ नाम से एक नया और आधुनिक शहर बसाने की तैयारी कर रही है। यह शहर दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) में विकसित होगा और इसका मॉडल अबु धाबी के बड़े औद्योगिक जोन से प्रेरित बताया जा रहा है। मास्टर प्लान-2041 के तहत इस परियोजना की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। योजना के मुताबिक यहां लगभग 3000 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी, जिससे इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
6 लाख लोगों के लिए बसाया जाएगा शहर
सरकार के अनुमान के अनुसार ‘नया नोएडा’ में करीब 6 लाख लोगों की आबादी बस सकती है। इनमें लगभग 3.5 लाख प्रवासी लोग होंगे जो उद्योगों में काम करने के लिए यहां आएंगे।
इतनी बड़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए रोजाना 300 मिलियन लीटर पानी (MLD) की आपूर्ति की योजना बनाई गई है। इसमें
- 212 MLD पानी उद्योगों के लिए
- 85 MLD पानी घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
यह पानी गंगाजल और भूमिगत जल के मिश्रण से दिया जाएगा।
पर्यावरण पर भी रहेगा खास ध्यान
परियोजना में पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए शहर में झीलें और नहरें भी विकसित की जाएंगी।
- लगभग 58.96 हेक्टेयर क्षेत्र में झीलें
- करीब 91.75 हेक्टेयर क्षेत्र में नहरें बनाई जाएंगी।
इसके अलावा उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाए जाएंगे।
80 गांवों की जमीन पर बनेगा शहर
‘नया नोएडा’ बुलंदशहर और दादरी के आसपास के करीब 80 गांवों की लगभग 21 हजार हेक्टेयर जमीन पर बसाया जाएगा। जमीन का अधिग्रहण लैंड पूलिंग नीति के तहत किया जाएगा।
हर आय वर्ग के लिए होंगे घर
शहर में सभी वर्गों के लिए आवास विकसित किए जाएंगे, जिनमें
- EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग)
- LIG (निम्न आय वर्ग)
- MIG (मध्यम आय वर्ग)
- HIG (उच्च आय वर्ग)
के लिए अलग-अलग प्रकार के फ्लैट बनाए जाएंगे। आवासीय विकास के लिए करीब 2,477 हेक्टेयर जमीन निर्धारित की गई है।
जमीन का उपयोग कैसे होगा
- औद्योगिक क्षेत्र – 8,811 हेक्टेयर
- आवासीय क्षेत्र – 2,477 हेक्टेयर
- ग्रीन पार्क व ओपन एरिया – 3,173.94 हेक्टेयर
- ट्रैफिक व ट्रांसपोर्ट – 3,282.59 हेक्टेयर
- संस्थागत क्षेत्र – 1,682.15 हेक्टेयर
- कमर्शियल – 905.97 हेक्टेयर
सरकार का कहना है कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर ट्रांसपोर्ट और पर्यावरण संतुलन के साथ विकसित होने वाला ‘नया नोएडा’ भविष्य में उद्योग और निवेश का बड़ा केंद्र बन सकता है।