रेड फोर्ट ब्लास्ट: डीएनए जांच में हुआ खुलासा, डॉक्टर उमर नबी भट ही चला रहे थे धमाका करने वाली कार
नई दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में सोमवार शाम हुए ब्लास्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। इस धमाके में नौ लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। जांच एजेंसियों ने पुष्टि की है कि धमाके में शामिल i20 कार को डॉक्टर उमर नबी भट ही चला रहे थे।
डीएनए जांच से हुई पहचान
सूत्रों के अनुसार, डॉ. उमर नबी भट की मां के डीएनए सैंपल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से लिए गए और दिल्ली लाए गए। इन सैंपलों का मिलान लोक नायक अस्पताल में रखे अज्ञात शवों से किया गया।
दिल्ली के एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञों ने बताया कि डॉ. भट और उनकी मां के डीएनए सैंपल मेल खाते हैं, जिससे यह पुष्टि हो गई कि शव डॉ. उमर नबी भट का ही है।
धमाके में इस्तेमाल कार और जांच
दिल्ली पुलिस के अनुसार, धमाके में i20 कार का इस्तेमाल किया गया था। यह कार डॉ. भट चला रहे थे, जो पहले ही एक आतंकी मॉड्यूल के सरगना बताए जा रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि भट “व्हाइट कॉलर ग्रुप” के लीडर थे, जिसमें कई डॉक्टर शामिल थे। यह ग्रुप जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवात-उल-हिंद (AGH) जैसे आतंकी संगठनों से जुड़ा हुआ था।
पुलिस की कार्रवाई
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ब्लास्ट से पहले ही इस मॉड्यूल से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया था। हरियाणा पुलिस ने जांच के दौरान कांधावली गांव के एक फार्महाउस से डॉ. भट की लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट गाड़ी भी बरामद की है।
फॉरेंसिक और बैलिस्टिक विशेषज्ञों ने उस गाड़ी की जांच की, ताकि धमाके से जुड़े और सबूत मिल सकें।
आरोपी डॉक्टरों का नेटवर्क
डॉ. उमर नबी भट, पुलवामा के कोइल गांव के रहने वाले थे और अल फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में कार्यरत थे। उनके साथ दो और डॉक्टर—डॉ. मुजमिल शकील गनई और डॉ. शाहीन शाहिद अंसारी—को भी पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।