दिसंबर के बाद डियर पार्क में देखने को मिलेंगे भारतीय सहित अफ्रीकी हिरण
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नोएडा के सेक्टर-91 स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क में बन रहे डियर पार्क को हरियाली से सजाने के लिए नये साल से पहले नोएडा अथॉरिटी वन्यजीवों के लिए 3490 पेड़ लगाने की योजना तैयार कर ली है। इन पेड़ों को नर्सरी में 18 से 20 फीट ऊंचा करने के लिए ऑर्डर दे दिया गया है। करीब 30 एकड़ में विकसित हो रहे इस पार्क का निर्माण दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसमें हिरणों और दूसरे वन्यजीवों रहेंगे। जिनकी छाया के लिए पेड़ लगाने की प्लानिंग बनाई गई है। वहीं इस पार्क में भारतीय हिरणों के अलावा अफ्रीका की कई एंटीलोप प्रजातियां भी लाई जाएंगी।
अधिकारियों के मुताबिक डियर पार्क में वन्यजीवों के अनुकूल वातावरण बनाने के लिए पिलखन, चकरेशिया, मौलश्री, पाकड़, बॉटल ब्रश, अशोक, सेमल और कदम जैसी प्रजातियों के पेड़ लगाए जाएंगे। प्रत्येक बाड़े में करीब 18 से 20 पौधे लगाने की योजना है। पेड़ों और पौधों का चयन इस तरह किया जा रहा है कि वन्यजीवों को छाया और उनके अनुकूल वातावरण मिल सके। करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पार्क में वन्यजीवों के लिए 12 छोटे-बड़े बाड़े तैयार किए जा रहे हैं।
नोएडा अथॉरिटी के उद्यान निदेशक आनंद मोहन सिंह के मुताबिक नौ बाड़ों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बाकी पर काम जारी है। यहां कुल 99 वन्यजीव रखने की योजना है, जिनमें 33 नर और 66 मादा होंगे। इन्हें दूसरे चिड़ियाघरों से लाने के लिए आवेदन किया गया है। पार्क में स्प्रिंगबाक, इम्पाला, वाइल्डबीस्ट और लेसर कुडू जैसी अफ्रीकी प्रजातियों के अलावा सांभर, स्पॉटेड डियर, हॉग डियर, स्वैम्प डियर, बार्किंग डियर, माउस डियर, ब्लैकबक, चिंकारा और चौसिंघा भी लाने की योजना है। जलीय पक्षियों के लिए एवियरी बनाने की भी तैयारी है।
रात 10 बजे तक देख सकेंगे वन्यजीव
डियर पार्क को सनसेट सफारी की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके तहत विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि लोग सूर्यास्त के बाद भी हिरणों और जलीय पक्षियों को देख सकें। योजना के मुताबिक, दर्शकों को रात करीब 10 बजे तक वन्यजीवों को देखने का मौका मिल सकेगा। लाइटिंग की व्यवस्था करते समय वन्यजीवों की प्राकृतिक दिनचर्या पर कम से कम असर पड़ने का ध्यान रखा जाएगा। नोएडा अथॉरिटी का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक पार्क का निर्माण पूरा करना है। इसके बाद वन्यजीवों को चरणबद्ध तरीके से यहां लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पार्क तैयार होने के बाद यह नोएडा और आसपास के लोगों के लिए नया आकर्षण बन सकता है।