उत्तर कोरिया चुनाव 2026: सभी 687 सीटों पर कब्जा, किम जोंग उन की सत्ता और मजबूत
Mediawali news
Kim Jong Un के नेतृत्व में Workers’ Party of Korea ने North Korea Parliamentary Elections 2026 में एक बार फिर पूर्ण वर्चस्व हासिल कर लिया है। 15 मार्च को हुए चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन ने सभी 687 सीटें जीत लीं, जिससे किम की पकड़ और मजबूत होती दिख रही है।
चुनाव नतीजे और वोटिंग प्रतिशत
उत्तर कोरिया की स्टेट मीडिया के अनुसार, इस चुनाव में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया।
मुख्य आंकड़े:
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कुल मतदान: 99.99%
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समर्थन में वोट: 99.93%
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विरोध में वोट: 0.07%
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कुल सीटें: 687 (सभी सत्ताधारी गठबंधन के पास)
यह चुनाव 15वें सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के लिए आयोजित किया गया था। बेहद कम विरोधी वोट को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय माना जा रहा है।
असेंबली की बैठक और संभावित फैसले
नई सुप्रीम पीपुल्स असेंबली की पहली बैठक जल्द ही प्योंगयांग में होने वाली है। इसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
संभावित फैसले:
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Kim Jong Un का स्टेट अफेयर्स कमीशन के अध्यक्ष के रूप में पुनर्निर्वाचन
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सोशलिस्ट संविधान में बड़े संशोधन
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दक्षिण कोरिया के प्रति नीति को औपचारिक रूप देना
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के रिश्तों को लेकर सख्त रुख संविधान में शामिल किया जा सकता है।
नए चेहरे और सत्ता संतुलन
इस चुनाव में प्रतिनिधियों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
मुख्य बदलाव:
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70% से ज्यादा नए चेहरों को जगह
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किम के करीबी सहयोगियों को अहम भूमिका
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पुराने नेताओं की छुट्टी
नई सूची में Kim Yo-jong और Choe Son-hui जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इससे साफ है कि किम अपनी टीम को नए सिरे से मजबूत कर रहे हैं।
चुनाव या औपचारिकता?
उत्तर कोरिया के चुनावों को अक्सर औपचारिक प्रक्रिया माना जाता है।
जमीनी हकीकत:
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वोटिंग गुप्त नहीं होती
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उम्मीदवार पहले से तय होते हैं
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असेंबली को “रबर स्टैंप” संसद कहा जाता है
फिर भी इस बार 0.07% विरोधी वोट दिखाकर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया मौजूद है।
कुल मिलाकर, यह चुनाव Kim Jong Un की सत्ता को और मजबूत करने, नीतियों को कानूनी रूप देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक खास संदेश देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।