मीडिया वाली

Youtube Live
ब्रेकिंग न्यूज़
नवीनतम समाचार लोड हो रहे हैं...

मिसाइल अलर्ट और धमाकों के बीच दुबई में फंसे 45 भारतीय, आठ दिन बाद सुरक्षित लौटे

Tags: , , , ,

Mediawali news, greater noida

विदेश में अचानक बिगड़े सुरक्षा हालात के बीच दुबई में फंसे 45 भारतीय आखिरकार आठ दिन बाद सुरक्षित भारत लौट आए। इन यात्रियों में ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 निवासी कैलाशचंद भी शामिल थे। भारत पहुंचने के बाद उन्होंने बताया कि इन आठ दिनों में हर पल ऐसा लग रहा था मानो जान खतरे में हो।

कैलाशचंद के मुताबिक, वह 28 फरवरी को दिल्ली से अबु धाबी के लिए रवाना हुए थे। उनके साथ देश के अलग-अलग राज्यों के लोग भी यात्रा कर रहे थे। अबु धाबी पहुंचने के करीब आधे घंटे बाद ही मोबाइल पर लगातार सुरक्षा अलर्ट के मैसेज आने लगे। शुरुआत में यात्रियों ने इसे सामान्य चेतावनी समझा, लेकिन होटल पहुंचते ही तेज धमाकों की आवाज सुनाई देने लगी। धमाके इतने तेज थे कि होटल के शीशे तक टूट गए और वहां ठहरे लोग दहशत में आ गए।

हालात बिगड़ते देख सभी यात्रियों को अबु धाबी से दुबई भेज दिया गया, क्योंकि दुबई को अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा था। हालांकि दुबई पहुंचने तक तीन बड़े धमाकों की खबरें सामने आ चुकी थीं, जिससे यात्रियों की चिंता और बढ़ गई। उड़ानें बंद होने के कारण सभी को दुबई के एक होटल में रुकना पड़ा।

कैलाशचंद ने बताया कि करीब तीन दिन तक वे होटल से बाहर निकलने की हिम्मत भी नहीं कर पाए। आठ दिनों तक सभी लोग होटल में ही डरे-सहमे रहे। इस दौरान एयरपोर्ट, अमेरिकी सैन्य बेस, नेवल बेस और अमेरिकी एंबेसी के आसपास लगातार धमाकों और सुरक्षा अलर्ट की खबरें आती रहीं। हर समय यह डर बना रहता था कि कहीं मिसाइल या ड्रोन हमला उनकी तरफ न आ जाए। यात्रियों के मुताबिक, इस दौरान कई लोगों के परिवार भारत में गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहे थे। एक यात्री ने बताया कि उनके पिता आईसीयू में भर्ती हैं, लेकिन दुबई में फंसे होने की वजह से वह उनके पास नहीं पहुंच पा रहे थे।

जब आखिरकार यात्रियों को भारत लौटने के लिए एयरपोर्ट ले जाया गया तो वहां भी डर खत्म नहीं हुआ। आसमान में ड्रोन और मिसाइल जैसे कई ऑब्जेक्ट दिखाई दे रहे थे। शाम करीब चार बजे सभी यात्री विमान में बैठ गए, लेकिन टेकऑफ से ठीक पहले पायलट ने सुरक्षा कारणों से उड़ान रोक दी। करीब 45-50 मिनट तक विमान रनवे पर ही खड़ा रहा, जिससे यात्रियों की धड़कनें तेज हो गईं। आखिरकार दोबारा क्लीयरेंस मिलने के बाद विमान ने उड़ान भरी और सभी यात्री सुरक्षित भारत पहुंच सके। कैलाशचंद का कहना है कि घर पहुंचने के बाद ही उन्हें असली सुकून मिला और लगा कि वह एक बड़े खतरे से बचकर लौटे हैं।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios