अमेरिका में पाकिस्तानी पीएम और आर्मी चीफ पर बैन की मांग

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44 अमेरिकी सांसद बोले– पाकिस्तान में तानाशाही बढ़ रही है

अमेरिकी संसद के 44 सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को एक चिट्ठी लिखकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की है। सांसदों का आरोप है कि पाकिस्तान की सत्ता सेना के हाथों में है और वहां मानवाधिकारों का लगातार उल्लंघन हो रहा है।

सांसदों का आरोप: सेना चला रही सरकार, विरोध करने वालों को धमकी

चिट्ठी में कहा गया है कि पाकिस्तान में

  • आम नागरिकों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं

  • सेना विरोध करने वालों को धमकाती है

  • विदेश में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक भी सुरक्षित नहीं हैं

यह चिट्ठी डेमोक्रेटिक सांसद प्रमिला जयपाल और ग्रेग कासर के नेतृत्व में लिखी गई। इनके अनुसार, पाकिस्तान में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है और तानाशाही बढ़ रही है।

पत्रकारों पर दबाव और अपहरण के आरोप

सांसदों ने कई मामलों का जिक्र किया है।

  • वर्जीनिया के पत्रकार अहमद नूरानी ने पाकिस्तानी सेना के भ्रष्टाचार पर रिपोर्ट लिखी थी। इसके बाद पाकिस्तान में उनके दोनों भाइयों को एक महीने से ज्यादा समय तक अगवा रखा गया।

  • संगीतकार सलमान अहमद के जीजा का भी अपहरण हुआ, जिन्हें अमेरिकी दखल के बाद छोड़ा गया।

सांसदों ने कहा कि पत्रकारों को धमकाया जा रहा है, अगवा किया जा रहा है और उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर किया जाता है।

विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई और सोशल मीडिया पोस्ट पर गिरफ्तारी

चिट्ठी में आरोप लगाया गया कि—

  • विपक्षी नेताओं को बिना किसी आरोप के जेल भेजा जा रहा है

  • सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर नागरिकों को गिरफ्तार किया जा रहा है

  • महिलाओं, अल्पसंख्यकों और खासकर बलूच समुदाय पर अत्याचार हो रहे हैं

2024 चुनाव में धांधली का आरोप

अमेरिकी सांसदों ने 2024 के पाकिस्तान आम चुनावों में हुई कथित धांधली का भी जिक्र किया है।

  • ‘पट्टन रिपोर्ट’ की जांच में चुनावों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का जिक्र है

  • अमेरिकी विदेश विभाग ने भी उस समय चुनावों पर गंभीर चिंता जताई थी

सांसदों का कहना है कि पाकिस्तान में एक “कठपुतली सरकार” बनाई गई है, जिसे सेना नियंत्रित कर रही है।

सेना की ताकत बढ़ाने वाले फैसले पर भी सवाल

चिट्ठी में पाकिस्तान में हाल ही में हुए 27वें संवैधानिक संशोधन पर भी चिंता जताई गई है।

  • इस संशोधन के जरिए सेना को और शक्तिशाली बनाया गया

  • सुप्रीम कोर्ट के अधिकार कम किए गए

  • अब आम नागरिकों के केस भी सैन्य अदालतों में चल सकते हैं

इससे यह चिंता बढ़ गई है कि सेना देश पर पूरी तरह नियंत्रण कर रही है।

अमेरिकी सांसदों ने मांगे दो कड़े कदम

चिट्ठी के अनुसार शहबाज शरीफ, आसिम मुनीर और अन्य अधिकारियों पर ये कार्रवाई की जा सकती है—

1. वीज़ा बैन

भारत में धमकी, अपहरण या दमन में शामिल अधिकारियों को अमेरिका आने से रोका जा सकता है।

2. संपत्ति जब्ती

ग्लोबल मैग्निट्सकी एक्ट के तहत इन अधिकारियों की

  • संपत्तियाँ

  • बैंक खाते

  • वित्तीय लेन-देन
    जब्त या रोक दिए जा सकते हैं।

इमरान खान की रिहाई की भी मांग

सांसदों ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और अन्य राजनीतिक कैदियों की रिहाई की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार नागरिकों की आजादी को दबा रही है और अमेरिका को मानवाधिकारों की रक्षा के लिए कार्रवाई करनी चाहिए।

इमरान खान से मुलाकात को लेकर विवाद

इमरान खान पिछले दो साल से जेल में हैं।

  • परिवार और समर्थकों से मिलने पर प्रतिबंध ने अफवाहों को बढ़ाया

  • 27 दिनों के इंतजार के बाद 2 दिसंबर को परिवार को मिलने की इजाजत मिली

इस दौरान पाकिस्तान के कई शहरों में हिंसा भी भड़की।

ट्रम्प से दो बार मिल चुके हैं आसिम मुनीर

2025 में जनरल आसिम मुनीर ने दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात की।

  • 18 जून को व्हाइट हाउस में बंद कमरे में बैठक

  • सितंबर में PM शरीफ के साथ दूसरी बैठक

इन मुलाकातों के दौरान अमेरिकी-पाकिस्तानी समुदाय ने मुनीर के खिलाफ नारे लगाए और उन्हें तानाशाह कहा।

CDF पद पर फंसा विवाद

संवैधानिक संशोधन के बाद आसिम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) बनाया जाना था,
लेकिन 29 नवंबर को जारी होने वाला नोटिफिकेशन अभी तक लंबित है।
PM शहबाज शरीफ ने साइन नहीं किए और विदेश यात्रा पर चले गए।

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