धुरंधर: असली ज़िंदगी का उजैर बलोच और कराची के अंडरवर्ल्ड की खौफनाक कहानी
कराची अंडरवर्ल्ड: डर और हिंसा का पर्याय बना उजैर बलोच, आखिरकार कानून के शिकंजे में
पाकिस्तान के कराची शहर के अंडरवर्ल्ड में उजैर बलोच का नाम लंबे समय तक खौफ और क्रूरता का प्रतीक बना रहा। उजैर बलोच ने कुख्यात गैंगस्टर रहमान डकैत के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद उसके गिरोह की कमान संभाली थी। रहमान डकैत लियारी इलाके में अपराध की दुनिया का बड़ा नाम माना जाता था और उसकी मौत के बाद उसका गैंग बिखरने की कगार पर पहुंच गया था।
बताया जाता है कि इसी मौके का फायदा उठाकर उजैर बलोच ने धीरे-धीरे गैंग पर अपना नियंत्रण मजबूत किया। उसने न केवल पुराने आपराधिक नेटवर्क को संभाला, बल्कि अपनी क्रूरता और डर के जरिए गिरोह को और ताकतवर बनाया। उजैर बलोच का नाम हत्या, अपहरण और जबरन वसूली जैसे कई संगीन अपराधों से जुड़ा रहा।
उजैर बलोच की आपराधिक कहानी का सबसे खौफनाक अध्याय कुख्यात गैंगस्टर अरशद पप्पू से जुड़ा है। दोनों के बीच लंबे समय से दुश्मनी चल रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरशद पप्पू की हत्या के बाद एक अमानवीय घटना सामने आई, जिसने पूरे कराची को दहला दिया। आरोप है कि उजैर बलोच और उसके साथियों ने हत्या के बाद शव के साथ बेहद निर्मम हरकत की। इस घटना के बाद अपराध की दुनिया में उजैर बलोच का खौफ और गहरा हो गया।
लियारी और आसपास के इलाकों में उसका गैंग दहशत का दूसरा नाम बन गया। हालांकि, समय के साथ कानून-व्यवस्था एजेंसियों ने उसके खिलाफ कार्रवाई तेज की। आखिरकार उजैर बलोच को गिरफ्तार कर लिया गया और उस पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए गए।
उसकी गिरफ्तारी को कराची में संगठित अपराध पर नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता माना गया। उजैर बलोच की कहानी यह संदेश देती है कि अपराध और हिंसा के दम पर कायम किया गया डर स्थायी नहीं होता और अंततः कानून का शिकंजा ऐसे लोगों तक पहुंच ही जाता है।