भारत मंडपम में एआई समिट: बयान से बढ़ा विवाद, यूनिवर्सिटी ने किया स्पष्टीकरण
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भारत मंडपम में चल रहे एआई समिट के दौरान एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। कार्यक्रम में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहीं असिस्टेंट प्रोफेसर नेहा सिंह ने डीडी न्यूज से बातचीत में एक रोबोट को यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार बताया। बाद में सामने आया कि वह रोबोट चीन की कंपनी का था। इस पर देश-विदेश में बहस छिड़ गई और चीनी मीडिया ने भी इसे प्रमुखता से उठाया।
यूनिवर्सिटी का रुख
विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि संस्थान ने ऐसा कोई दावा नहीं किया है। बयान में यह भी कहा गया कि इंटरव्यू के दौरान जानकारी सही ढंग से प्रस्तुत नहीं हो पाई। इसके साथ ही आयोजन स्थल पर लगाए गए यूनिवर्सिटी के स्टॉल को खाली करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रोफेसर नेहा सिंह कौन हैं?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नेहा सिंह नवंबर 2023 से गलगोटिया यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। इससे पहले वह शारदा यूनिवर्सिटी में अगस्त 2022 से अक्टूबर 2023 तक कार्यरत रहीं।
उन्होंने इससे पहले सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनर के रूप में भी काम किया है और गीतम डीम्ड यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुकी हैं।
नेहा सिंह ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से एमबीए और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीकॉम की पढ़ाई की है।
जिम्मेदारी और सियासत
नेहा सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह अपनी बात ठीक से लोगों तक नहीं पहुंचा पाईं और इसकी जिम्मेदारी लेती हैं। वहीं, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है।
बड़ा सवाल
यह मामला केवल एक बयान की गलती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे यह सवाल भी उठा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तकनीकी उपलब्धियों को पेश करते समय तथ्यों की पुष्टि कितनी जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों में पारदर्शिता और सटीक जानकारी ही देश की साख को मजबूत करती है।